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कश्मीरी जवान ने पत्नी और बच्चों से कहा था जल्दी आऊंगा तुम्हारे पास, अब तिरंगे में लिपटा आएगा घर

Sun, 12 Aug 2018 08:08 PM IST
रवि वर्मा, अमर उजाला, जम्मू
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शहीद जवान को श्रद्धांजलि देते अधिकारी
जम्मू-कश्मीर के राजोरी जिले की बुद्धल तहसील के डंडोत गांव के एक परिवार पर रविवार की सुबह उस समय कहर टूट पड़ा, जब उनके बेटे ने कश्मीर घाटी के बटमालू इलाके में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में शहादत पा ली।
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परवेज अहमद की शहादत पर उन्हें नमन करता उनका भाई
जानकारी के अनुसार परवेज अहमद कश्मीर के बटमालू क्षेत्र में एसओजी में तैनात थे। रविवार की सुबह आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में परवेज अहमद आतंकियों की गोली का निशाना बन गए और वीरगति प्राप्त की। एसएचओ बुद्धल ने जब शहीद के घर पहुंच कर उन्हें परवेज के शहीद होने के बारे में जानकारी दी, तो परिवार में मातम का माहौल बन गया।
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परवेज के शहीद होने की खबर पर उनके गांव में मचा कोहराम
शहीद की पत्नी यह खबर सुनते ही बेहोश हो कर गिर पड़ी। घर में मातम का माहौल छा गया। पास पड़ोस के लोगों को जब खबर लगी तो उनके घर में लोगों का तांता लग गया। किसी को यकीन ही नहीं हो रहा था कि परवेज घाटी में शहीद हो गए हैं। 

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श्रीनगर में हुए एनकाउंटर में शहीद हुए परवेज
शहीद के भाई के अनुसार पिछले आठ साल से परवेज घाटी में एसओजी में तैनात थे। इन दिनों वह अपनी ट्रांसफर अपने जिले में करवाने के प्रयास कर रहे थे। उनके दो छोटे-छोटे बच्चे हैं, जिन्हें वह राजोरी में किसी अच्छे स्कूल में दाखिल करवाने की योजना बना रहे थे।
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शहीद हुए अपने साथी को आखरी सलामी देते जवान
राजोरी में ट्रांसफर करवा कर वह अपनी पत्नी व बच्चों को साथ रखना चाहते थे। ईद पर घर आए थे तो उन्होंने परिवार को बताया था कि वह अब राजोरी में ट्रांसफर करवाएंगे और बच्चों के साथ रहेंगे। शहीद के पिता मोहम्मद अब्बास व मां का रो-रो कर बुरा हाल है। वह अपने बेटे की शहादत पर गर्व महसूस कर रहे हैं, लेकिन बहुत दुखी है।  
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शहीद हुए अपने साथी को आखरी सलामी देते सुरक्षाबल और अधिकारी
सोमवार को घर पहुंचेगा शव 
बुद्धल के तहसीलदार खुरशीद तांत्रे ने बताया कि शव को हेलीकॉप्टर से घर भेजा जाना था, लेकिन मौसम बहुत खराब होने के कारण हेलीकॉप्टर से नहीं भेजा गया। मुगल रोड के रास्ते उसे घर भेजा जा रहा है। सोमवार तक शहीद जवान का शव घर पहुंचने की उम्मीद है।
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