कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए एक बार फिर स्कूल बंद हो गए हैं। ऑनलाइन कक्षाएं लग रही हैं। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष ऑनलाइन पढ़ाई के परिणाम अच्छे होने ही उम्मीद है। प्रदेश में 4जी मोबाइल इंटरेनट के साथ निजी और सरकारी स्कूलों ने ऑनलाइन पढ़ाई के लिए पूरी व्यवस्था की है। मोबाइल एप से लेकर सॉफ्टवेयर भी बनाए गए हैं। इस बार ऑनलाइन पढ़ाई नए पैटर्न पर हो रही है। ऑनलाइन कक्षाओं को रोचक बनाने के लिए एक्टिविटी बेस्ड क्लास हो रही है। इसमें योग, पीटी, मेडिटेशन सहित अन्य गतिविधियां करवाई जा रही हैं, ताकि बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई में एक्टिव रखा जाए।
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ऑनलाइन क्लास
- फोटो : सोशल मीडिया
निजी स्कूल संचालक एक्टिविटी बेस्ड कक्षाओं पर महत्व दे रहे हैं। इसमें बच्चों को त्योहरों से संबंधित पेंटिंग टास्क, पर्यावरण, म्यूजिक, डांस आदि गतिविधियां करवाई जा रही हैं। वहीं ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिता भी हो रही है। प्राइवेट स्कूल एजुकेशन के अध्यक्ष कमल गुप्ता ने कहा कि इस बार ऑनलाइन पढ़ाई को लेकर हमारी तैयारी पिछले वर्ष की तुलना में काफी अच्छी है। बच्चों को प्रतिदिन ऑनलाइन पढ़ाई के साथ एक्टिविटी बेस्ड क्लास करवाई जा रही है।
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सांकेतिक तस्वीर (मेडिटेशन)
बच्चों की हेल्थ काउंसलिंग पर विशेष ध्यान
कोरोना के कारण दोबारा बंद हुए स्कूल पढ़ाई को ऑनलाइन मोड पर वापस लाए हैं। ऑनलाइन पढ़ाई में बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। डी-स्ट्रेसिंग को लेकर स्कूल शिक्षा निदेशालय का काउंसलिंग सेल लगातार काम कर रहा है। बच्चों और अभिभावकों को तनाव मुक्त रहने के लिए टिप्स दिए जा रहे हैं। स्कूल अध्यापक और बच्चों को योग, मैडिटेशन, पीटी सहित अन्य गतिविधियां करवा रहे है।
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University of Jammu
- फोटो : File Photo
व्हाट्सएप ग्रुप में ही लग रही छात्रों की हाजिरी
जम्मू यूनिवर्सिटी और संबद्ध कॉलेज की पढ़ाई ऑफलाइन से ऑनलाइन मोड पर लौटी है। बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई गूगल मीट, जूम, व्हाट्सएप ग्रुप सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से करवाई जा रही है। कॉलेजों में हर सब्जेक्ट के प्रोफेसर ने अपना एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है, इसमें छात्रों को जोड़ा गया है। इसमें ही छात्रों की अटेंडेंस लगाई जा रही है।
जम्मू यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार अरविंद जसरोटिया ने कहा कि सभी प्रोफेसरों को घर से ही ऑनलाइन क्लास लेने को कहा गया है। गूगल मीट, जूम, व्हाट्सएप ग्रुप सहित अन्य माध्यमों से छात्रों को प्रतिदिन पढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 4जी मोबाइल इंटरनेट की सुविधा होने से इस बार ऑनलाइन पढ़ाई में अधिक परेशानी नहीं आएगी। छात्रों को भी जिम्मेदारी का परिचय देकर नियमित ऑनलाइन क्लास में शामिल होना चाहिए।