जम्मू-कश्मीर में इन दिनों सहेली के किडनी दान को लेकर चर्चा में आईं मनजोत की सहेली समरीन को अभी भी विश्वास है कि मनजोत के पिता गुरमीत अपनी बेटी के किडनी दान करने के फैसले पर मान जाएंगे। वह कहती है, अगर उसे किडनी मिल जाती है तो दोनों बेटियां जिंदा रहेंगी।
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KASHMIR
- फोटो : अमर उजाला
राजोरी शहर के वार्ड सात की रहने वाली किडनी की बीमारी से पीड़ित छात्रा समरीन ने बताया कि मनजोत के पिता पहले उसके किडनी दान करने पर तैयार थे, लेकिन लगता है वे किसी के बहकावे में आकर अब इससे इंकार कर रहे हैं। समरीन ने गुरदीप सिंह से अपील की है कि वे एक बार उसे अपनी बेटी की जगह रख कर देखें। यदि उसे किडनी मिल जाती है तो एक किडनी देने से दोनों बेटियां जिंदा रहेंगी। वीरवार को अमर उजाला से विशेष बातचीत में समरीन ने कहा कि यदि उसे किडनी देने से मनजोत को कोई शारीरिक समस्या आने की आशंका होती तो वह खुद ही किडनी लेने से इंकार कर देती। इसलिए उसके पिता को इससे डरना नहीं चाहिए। समरीन ने बताया कि करीब तीन साल पहले उसे किडनी की बीमारी का पता चला था। डॉक्टरों ने किडनी ट्रांसप्लांट करवाने के लिए कहा था। ऐसे वक्त में उसकी सहेली मनजोत सिंह आगे आई और समरीन के लिए अपनी एक किडनी दान करने के लिए खुद पहल की। जब मनजोत ने अपना यह संकल्प अपने परिवार के लोगों को बताया तो सभी इसके लिए मान गए थे।
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MANJOT
- फोटो : अमर उजाला
गुरमीत के कहने पर ही कराए थे दोनों सहेलियों ने टेस्ट
इतना ही नहीं, उधमपुर की रहने वाली मनजोत के पिता गुरदीप सिंह खुद उससे और उसके परिवार से मिलने के लिए राजोरी आए थे। उन्होंने कहा था कि उन्हें मनजोत की एक किडनी दान करने में कोई आपत्ति नहीं है। मनजोत के पिता की हां के बाद ही समरीन के परिवार वालों ने विशेषज्ञ डॉक्टरों से बात की और दोनों सहेलियों के सारे टेस्ट करवाए। डॉक्टरों को मनजोत की किडनी ट्रांसप्लांट करने में कोई दिक्कत नहीं नजर आई। बाद में क्या हुआ पता नहीं। समरीन ने कहा कि मनजोत जैसी नेकदिल बेटी के लिए उन्हें खुद पर गर्व करना चाहिए। वह समाज के लिए प्रेरणादायक है। समरीन ने कहा कि उसके परिवार के लोग प्रयास कर रहे हैं कि मनजोत के पिता खुशी-खुशी इसके लिए तैयार हो जाएं। समरीन ने कहा कि वह चाहती है कि अंकल खुशी-खुशी अपनी हां कर दें। इससे उसे तो जीवनदान मिलेगा ही, साथ ही उसकी सहेली मनजोत को एक किडनी से कोई समस्या नहीं आएगी। उसने कहा कि जब कोई रास्ता नहीं बचेगा तब वे कोर्ट का सहारा लेंगे। समरीन को उम्मीद है कि उसकी दोस्त के पिता जरूर मान जाएंगे।
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सामरीन अख्तर और मंजोत सिंह कोहली
- फोटो : अमर उजाला
‘एक बार समरीन को अपनी बेटी मान कर सोचें मनजोत के पिता’
समरीन के पिता मुख्तार अहमद ने कहा है कि मनजोत के पिता गुरदीप सिंह ने जब अपनी बेटी की एक किडनी दान करने पर अपनी स्वीकारोक्ति दी थी, उसके बाद उन्होंने सारे टेस्ट करवाए, जिस पर लाखों रुपये खर्च आया। अब जब उनके पास इतने पैसे भी नहीं हैं और वे इंकार कर रहे हैं तो वे उनके परिवार को सड़क पर लाने का काम कर रहे हैं। आखिर वे भी एक बेटी के पिता हैं। वे ऐसा कैसे कर सकते हैं। मनजोत की एक किडनी देने से उसे कोई दिक्कत होती तो हम खुद इसके लिए तैयार नहीं होते। गुरदीप जी की एक हां पर मेरी बेटी की जिंदगी और मौत का फैसला होना है। मेरा पेशा दर्जी का है। अब यदि मनजोत की किडनी नहीं मिली तो उनका परिवार बर्बाद हो जाएगा। उन्होंने गुरदीप सिंह से अपील करते हुए कहा कि वे एक बार समरीन को अपनी बेटी मान कर सोचें। फिर अपना निर्णय लें।
‘ठीक हो गई तो करूंगी पोस्ट ग्रेजुएशन’
समरीन ने बताया कि जब उसने अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की व आगे की शिक्षा ग्रहण करने के बारे में सोच रही थी तभी उसे किडनी की बीमारी हो गई। उसके बाद वह अपनी आगे की पढ़ाई नहीं कर पाई। अब यदि उसे उसकी दोस्त की किडनी मिल जाती है तो वह स्वस्थ होकर फिर से आगे की पढ़ाई करेगी। वह ग्रेजुएशन के बाद पोस्ट ग्रेजुएशन भी करना चाहती है।