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जम्मू-कश्मीर पुलिस ने जारी किया श्रीनगर मुठभेड़ का वीडियो, दहशतगर्दों से कई बार की गई थी समर्पण करने की अपील

Tue, 05 Jan 2021 11:12 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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श्रीनगर मुठभेड़, फाइल फोटो - फोटो : बासित जरगर
श्रीनगर शहर के बाहरी इलाके लावेपोरा में 30 दिसंबर को सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए तीनों आतंकियों को आत्मसमर्पण के कई मौके दिए गए थे। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने लावेपोरा मुठभेड़ के वीडियो जारी किए हैं, जिसमें वह बार-बार आतंकियों से सरेंडर की अपील कर रहे हैं और कह रहे हैं कि वह उन्हें बचाना चाहते हैं। पुलिस के अनुसार, एक मकान में छिपे तीनों आतंकियों ने आत्मसमर्पण की अपील की अनदेखी करते हुए सुरक्षाबलों पर फायरिंग जारी रखी। इसके बाद की गई जवाबी कार्रवाई में तीनों मारे गए। यह मुठभेड़ 12 घंटे से अधिक समय तक चली थी। इन आतंकियों की शिनाख्त एजाज मकबूल गनई, अथर मुश्ताक (दोनों पुलवामा) तथा  शोपियां निवासी जुबैर लोन के रूप में हुई थी। इनके पास से एक एके-47 राइफल, 2 पिस्टल और कुछ ग्रेनेड बरामद हुए थे। तीनों आतिंकयों के शवों को गांदरबल भेज दिया गया था।
 
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श्रीनगर मुठभेड़, फाइल फोटो - फोटो : बासित जरगर

परिवार वालों ने किया प्रदर्शन
श्रीनगर के बाहरी क्षेत्र लावेपोरा में 30 दिसंबर को मुठभेड़ में मारे गए दो आतंकी मददगारों के परिवार वालों ने सोमवार को प्रदर्शन किया। परिजनों ने गुहार लगाई कि उनके बच्चों के शव उन्हें लौटाए जाएं ताकि वह उन्हें आखिरी बार देख सकें और सम्मान के साथ उन्हें दफनाएं।
 
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श्रीनगर मुठभेड़, फाइल फोटो - फोटो : बासित जरगर

अथर के पिता ने कहा कि उन्हें अपने बेटे का शव चाहिए। अथर की बहन के अनुसार उसका भाई एक बजे अपने घर से निकला था लेकिन उसने यह नहीं बताया कि कहां जा रहा है। शाम को उसे फोन लगाया, लेकिन स्विच ऑफ था और अगले दिन सुबह पुलिस के एक अधिकारी उन्हें फोन कर भाई की तस्वीर मांगी और जानकारी दी कि वो मुठभेड़ में मारा गया है। उसने कहा कि हम चाहते हैं कि इस मुठभेड़ में निष्पक्ष जांच हो।

 

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श्रीनगर मुठभेड़, फाइल फोटो - फोटो : बासित जरगर
जुबैर का भाई है पुलिस में
ज़ुबैर के परिवार वालों ने भी इस मुठभेड़ में निष्पक्ष जांच की मांग की और कहा कि वह यह समझने में असमर्थ हैं कि कैसे कोई युवा 2 से 3 घंटों में आतंकी बन सकता है। ज़ुबैर का भाई जोकि पुलिस में ही है, कहा कि हम प्रशासन से मांग करते हैं कि इसमें निष्पक्ष जांच हो ताकि भविष्य में ऐसी कोई घटना नहीं दोहराई जाए।

 
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महबूबा मुफ्ती - फोटो : बासित जरगर
महबूबा ने एलजी से की मामले में हस्तक्षेप करने की मांग
पीडीपी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि इससे बड़ा दर्द क्या होगा कि एक मां आखिरी समय में अपने बच्चे का चेहरा नहीं देख सकी। उन्होंने कहा कि क्या दिल्ली में बैठे हुक्मरानों और यहां बैठे उपराज्यपाल का दिल नहीं पिघलता ऐसी चीजें देखकर। महबूबा ने कहा कि अगर ऐसी घटनाएं होंगी तो कैसे आम कश्मीरी का दिल जीता जा सकता है। उपराज्यपाल से अपील करती हूं कि वह इस मामले में हस्तक्षेप करें।
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