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Jammu Kashmir: बारामुला में गर्भवती के लिए सेना के जवान बने देवदूत, परिजनों ने जांबाजों के लिए कहे ये शब्द

Wed, 03 Feb 2021 02:14 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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बारामुला में गर्भवती के लिए सेना के जवान बने देवदूत - फोटो : भारतीय सेना
तीन फरवरी को तड़के सेना के पास मदद के लिए एक फोन कॉल आई। बारामुला के जबरी गांव से फोन करने वाले ने गांव की एक गर्भवती महिला को पेश आ रही समस्या के बारे में बताया। उस व्यक्ति ने सेना को बताया कि खराब मौसम और भारी बर्फबारी के कारण महिला को अस्पताल तक ले जाने में दिक्कत हो रही है। कोई साधन भी नहीं मिल रहा है। पोस्ट कमांडर ने जवानों के साथ जिप्सी में चिकित्सा बचाव दल का नेतृत्व किया और मौके पर पहुंचे।

 
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बारामुला में गर्भवती के लिए सेना के जवान बने देवदूत - फोटो : भारतीय सेना
इसके बाद त्वरित चिकित्सा समीक्षा की गई और निकासी की तैयारी की गई। साथ ही पीएचसी बोनियार से संपर्क कर गर्भवती के बारे में जानकारी दी गई। खराब मौसम के बावजूद बचाव दल समय पर पीएचसी पहुंचा और गर्भवती को भर्ती कराया।
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बारामुला में गर्भवती के लिए सेना के जवान बने देवदूत - फोटो : भारतीय सेना
इस दौरान महिला ने एक शिशु को जन्म दिया। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। परिवार और स्थानीय लोगों ने समय पर सहायता के लिए सेना का आभार व्यक्त किया।

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नवजात शिशु - फोटो : भारतीय सेना
इससे पहले कुपवाड़ा के नारीकूट में एक फरवरी  सुबह लगभग 4:15 बजे भारी बर्फबारी हो रही थी। यातायात पूरी तरह से बाधित था। इसी दौरान सेना के पास मदद के लिए एक फोन आया। फोन करने वाली आशा वर्कर ने बताया कि एक महिला को प्रसव पीड़ा हो रही है। बर्फबारी के कारण एंबुलेंस के साथ ही अन्य कोई वाहन उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।


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नवजात शिशु - फोटो : भारतीय सेना
इस पर गर्भवती को उस इलाके से निकालने के लिए तुरंत मेडिकल टीम के साथ एक सेना की जिप्सी को नारीकूट भेजा गया। गर्भवती की हालत गंभीर होने पर आशा कार्यकर्ता ने टीम से अनुरोध किया कि सड़क किनारे वाहन खड़ा करें। उसने सेना की मेडिकल टीम के साथ जिप्सी के अंदर डिलीवरी कराने का फैसला किया। जिप्सी के अंदर से एक स्वस्थ बच्ची के रोने की आवाज़ सुन सभी लोग खुशी से झूम उठे।


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इस दौरान नवजात के पिता की आंखों में आंसू आ गए। उन्होंने सेना के जवानों को शुभकामनाएं दी। इसके बाद महिला और नवजात शिशु को अस्पताल लाया गया। कंपनी कमांडर ने परिवार को उपहारों के साथ बधाई दी। सेना ने आशा कार्यकर्ता, सादिया बेगम को उनके आत्मविश्वास और विषम परिस्थितियों में उनकी निर्णायक भूमिका के लिए सम्मानित किया। 
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