कोरोना महामारी का कहर जारी है, जिससे उधमपुर शहर भी अछूता नहीं है। महामारी की चेन को तोड़ने के लिए लगाया गया लॉकडाउन बहुत जरूरी है, लेकिन इससे आम आदमी हर तरफ से पिस्ता नजर आ रहा है। इसका सबसे बड़ा असर खाद्य पदार्थों पर भी पड़ा है। मौजूदा समय में खाने की थाली में चंद दालें और चावल ही नजर आ रहा है, जिससे लोगों के बेहतर स्वास्थ्य की कामना करना नाफरमानी होगा। इसके साथ ही सब्जी उत्पादकों पर भी काफी असर पड़ा है। उधमपुर के जिब इलाके के अलावा चिनैनी तहसील का बड़ा हिस्सा सब्जी प्रधान क्षेत्र के रूप में जाना जाता है, लेकिन लॉकडाउन के कारण सबकुछ चौपट हो गया है। न तो किसानों को श्रमिक मिल रहे हैं और ना ही बीज और खाद का प्रबंध हो पा रहा है। इसके अलावा खेतों में लगाई गई सब्जी को मंडी तक पहुंचाना भी टेड़ी खीर बन गया है।
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सब्जी मंडी
इससे जहां सब्जी को मंडी तक पहुंचने में समय लग रहा है वहीं, इसके बाद मंडी, परचून सब्जी विक्रेताओं के माध्यम से चार-पांच दिन बाद भी लोगों को बासी सब्जी नसीब हो पा रही है। यह बहुत ही चिंताजनक है, जिसके बारे में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को सोचना होगा।
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किसान
- फोटो : पिक्साबे
लॉकडाउन में उचित दाम नहीं मिलने से किसान परेशान
लॉकडाउन हर वर्ग के लिए समस्या का सबब बनता जा रहा है। किसानों को सब्जियों के उचित दाम नहीं मिल पा रहे हैं, जिस कारण सब्जी उत्पादन घाटे का सौदा बनता जा रहा है। इन दिनों गोभी, लहसुन, मटर को मंडी मेें भेजा जा रहा है। लेकिन ताजा सामान मंडी नहीं पहुंचने से उचित दाम नहीं मिल रहे हैं।
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जम्मू-कश्मीर में मौसम का मिजाज
- फोटो : अमर उजाला
पिछले साल गोभी 30 से 40 रुपये बिक रही थी, जिसके मौजूदा समय में पांच से दस रुपये मिल रहे हैं। इससे सब्जी उत्पादन की लागत बढ़ गई है। रेट कम होने का कारण लॉकडाउन में सब्जी की दुकानें ज्यादा समय तक नहीं खुलना भी है। इसके अलावा मौसम ने भी इस बार साथ नहीं दिया है। ओलावृष्टि से काफी नुकसान हुआ है।
मंडी तीन दिन खुलेगी तो कैसे मिलेगी ताजा सब्जी
लॉकडाउन के कारण दुकानदार भी काफी परेशान हैं। ताजा सब्जी नहीं होने से बिक्री भी प्रभावित होती है। मंडी तीन दिन खुलती है। जब मंडी सुबह जाते है, तो वहां खरीदारी करने में समय लगता है। इसके बाद जब लौटते हैैं तो दुकानें बंद होने का समय हो जाता है। कुछ घंटे ही दुकाने खुलती हैं और लोगों की आवाजाही भी बहुत कम है। इस कारण सबकुछ प्रभावित हो रहा है।