coronavirus in jammu kashmir
- फोटो : बासित जरगर
यह सभी ग्रामीण इलाकों में रहने वाले हैं। इनमें से चार संक्रमितों की हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल, एक को मिलिट्री अस्पताल और एक को जीएमसी जम्मू रेफर किया गया है। आठ मई को शतराल गांव में 18 लोग कोरोना संक्रमित मिले थे। इसके बाद इस गांव को माइक्रो कंटेनमेंट जोन बना दिया गया। सबसे ज्यादा कोरोना का उछाल 12 मई को देखने को मिला, जहां एक ही दिन में 25 मामले सामने आए, जिसमे धम्मा से 21 और सुनाल से चाल कोरोना कोरोना संक्रमित पाए गए। इसके बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई।
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मजालता में नहीं है हाई फ्लो ऑक्सीजन की सुविधा
कोरोना के मामले बढ़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मजालता में करीब 42 ऑक्सिजन सिलिंडर उपलब्ध करवा दिए हैं। इनकी संख्या को और बढ़ाया जा रहा है। इसके साथ मजालता के बट्टल में काम्युनिटी सेंटर 45 बेड का कोविड केयर सेंटर भी बना गया है। लेकिन मजालता में अभी तक हाई फ्लो ऑक्सीजन और वेंटिलेटर की सुविधा नहीं है। इसको लेकर ग्रामीण काफी चिंतित है। इसलिए मरीजों की हालत खराब होने पर रेफर किया जा रहा है।