जम्मू शहर में इस बार भी लोगों को बिजली कटौती सहन करनी पड़ रही है। मौजूदा समय में बारिश होने से तापमान सामान्य से थोड़ा ऊपर है, जिससे हालात ठीक हैं। वहीं तापमान बढ़ते ही बिजली कटौती और ज्यादा बढ़ जाएगी, क्योंकि बिजली निगम अभी तक ढांचे में पर्याप्त सुधार नहीं कर पाया है। मौजूदा बिजली ढांचा 11 सौ मेगावाट तक लोड उठा पाता है। लोड बढ़ने ही ट्रांसफार्मर जल जाते हैं। इससे आठ से दस घंटे बिजली कटौती का सामना करना पड़ा है। मौजूदा समय में ट्रांसफार्मर बदलने पर काम धीमी गति से चल रहा है। मार्च, 2022 तक काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। दो कंपनियां काम में जुटी हैं, जो शहर में 900 ट्रांसफार्मर बदलेंगी, अभी तक 300 के करीब ट्रांसफार्मर बदले हैं। पूरे शहर में अधिक क्षमता वाले ट्रांसफार्मर लगाए जा रहे हैं। इसी तरह पुराने तार और कंडक्टर भी बदले जाने हैं। कमजोर ढांचे में सुधार नहीं हो पा रहा है, 11 सौ मेगावाट से ऊपर लोड बढ़ते ही बिजली गुल हो जाती है।
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बिजली
- फोटो : अमर उजाला
बिजली निगम के अनुसार तापमान में बढ़ोतरी होने पर समस्या पेश आ सकती है। हालांकि इसके समाधान के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
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ट्रांसफार्मर
- फोटो : अमर उजाला
वर्कशॉप में 300 से ज्यादा ट्रांसफार्मर तैयार
बीते साल जले ट्रांसफार्मरों को ठीक कर दिया गया है। अब जहां भी दिक्कत होगी, ट्रांसफार्मर को तुरंत बदला जाएगा और बिजली आपूर्ति बहाल की जाएगी।
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power cut
बीते साल ट्रांसफार्मरों की कमी थी, ऐसे में ट्रांसफार्मर जलने पर सात से आठ घंटे तक बिजली कट सहन करने पड़ते थे।