जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने और राज्य से यूटी बनने के बाद पहली बार सभी राजनीतिक दल किसी एक मुद्दे पर एक मंच पर एकजुट हुए हैं। वैचारिक मतभेदों के बावजूद डीडीसी सदस्यों, उपाध्यक्षों व अध्यक्षों के अधिकारों के लिए पार्टियां प्रदेश प्रशासन के खिलाफ एक मंच पर एकत्रित हो गई हैं। राजनीतिक विचारधारा और दलगत राजनीति को परे रखकर भाजपा, नेशनल कांफ्रेेंस और कांग्रेस समेत अन्य दलों के डीडीसी ओहदेदार रुतबा और मानदेय बढ़ाने के लिए सरकार के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंक रहे हैं।