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जम्मू-कश्मीर: हिजबुल आतंकी के जनाजे में शरीक हुईं महिलाएं, वीडियो आया सामने

Mon, 23 Jul 2018 12:08 AM IST
प्रांजल दीक्षित, अमर उजाला, जम्मू
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आतंकी के जनाजे में पहुंचे आतंकियों ने की फायरिंग - फोटो : बासित जरगर
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जम्मू कश्मीर के कुलगाम में मुठभेड़ में मारे गए स्थानीय आतंकियों के जनाजे में कुछ आतंकियों के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए। महिलाओं की तादाद भी अच्छी खासी थी।
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आतंकियों ने अपने साथियों को गन सैल्यूट भी दिया। आतंकी के शव को पाकिस्तानी झंडे में लपेटकर जनाजा निकाला गया। जनाजे में पाकिस्तानी झंडे लहराए गए और आजादी के हक में नारेबाजी की गई।

यही नहीं, स्थानीय लोगों ने आतंकियों की तस्वीरों वाले पोस्टर भी लहराए। जम्मू-कश्मीर पुलिस के कांस्टेबल सलीम शाह की अपहरण के बाद हुई हत्या का बदला सुरक्षा बलों ने 12 घंटे के भीतर ही ले लिया।
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रविवार को सुरक्षा बलों ने कांस्टेबल के हत्यारे तीन आतंकियों को मुठभेड़ में मार गिराया। मारे गए आतंकियों में लश्कर का एक पाकिस्तानी आतंकी है, जबकि हिजबुल के दो स्थानीय आतंकी हैं।
 

मुठभेड़ में मारे गए थे तीन आतंकी

जनाजे में भारी संख्या में पहुंची महिलाएं - फोटो : बासित जरगर
मुठभेड़ के दौरान आतंकियों को बचाने के लिए भीड़ ने सुरक्षा बलों पर भारी पथराव किया। हिंसा की आशंका में श्रीनगर से बनिहाल तक रेल सेवा स्थगित कर दी गई। उधर, कुलगाम तथा अनंतनाग जिले में मोबाइल व इंटरनेट सेवा ठप कर दी गई है। 

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि आतंकियों की मौजूदगी की सूचना पर रेडवानी इलाके में सर्च आपरेशन चलाया गया। घेरा सख्त होता देख घर में छिपे आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में तीन आतंकी मार गिराए गए।

इनकी शिनाख्त लश्कर के पाकिस्तानी आतंकी माविया, रेडवानी के सुहैल अहमद डार व कतारसू के मुदासिर उर्फ रेहान के रूप में हुई है। सुहैल और मुदासिर हिजबुल से जुड़े थे।

माविया कई हत्याओं में था शामिल

आतंकी का शव पाकिस्तानी झंडे में लपेट कर निकाला जनाजा - फोटो : बासित जरगर
कांस्टेबल सलीम की हत्या में ये तीनों आतंकी शामिल रहे हैं। आतंकी जिस मकान में छिपे थे, वह बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है। पास के एक अन्य मकान को भी नुकसान पहुंचा है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पाकिस्तानी आतंकी माविया कई नागरिकों की हत्या में शामिल रहा था। सुहैल पहले मजदूर था। उसने स्कूल की पढ़ाई बीच में छोड़कर मजदूरी शुरू कर दी थी। बाद में वह आतंकी संगठन में शामिल हो गया। 

दो एक-47 और कारबाइन बरामद
मारे गए आतंकियों से दो एके-47 राइफल और एक कारबाइन बरामद की गई है। मुठभेड़ स्थल से गोला बारूद भी बरामद किया गया है। 
 

साजिशकर्ताओं को तलाश रही पुलिस

जनाजे में पहुंची भारी संख्या में भीड़ - फोटो : बासित जरगर
पुलिस कांस्टेबल की हत्या के साजिशकर्ताओं की भी तलाश कर रही है। साथ ही हत्या को अंजाम देने में मदद करने वालों को भी खोज रही है। 

छुट्टी पर घर आया था सलीम
कांस्टेबल सलीम छुट्टी पर दक्षिणी कश्मीर के कुलगाम जिले मुतलहामा स्थित अपने घर आया था। शुक्रवार की रात आतंकियों ने उसका अपहरण कर लिया।

शनिवार को दोपहर बाद उसका शव रेडवानी इलाके से बरामद किया। शरीर पर चोट के काफी निशान थे। बाद में हिजबुल ने वीडियो वायरल किया, जिसमें सलीम जैश कमांडर आदिल पठान की मुखबिरी करने की बात कबूल करता हुआ दिख रहा है।
 

महिलाओं ने कुछ इस तरह जताया विरोध - फोटो : बासित जरगर
उसने कबूल किया था कि एसपीओ रहने के दौरान वह पुलिस अधिकारी परवेज बिल्ला का मुखबिर रहा। उसने ही पुलवामा जिले के हरिपारिगाम में आदिल के मौजूद होने की सूचना दी थी।

इस सूचना के आधार पर ही अक्टूबर 2015 में मुठभेड़ में आदिल व छोटा बर्मी को मार गिराया गया था। उसने यह काम एसपीओ से पदोन्नत होने के लिए किया था। 

डीजीपी जम्मू कश्मीर डॉ एसपी वैद ने बताया कि आतंकियों में एक लश्कर का पाकिस्तानी व दो स्थानीय हिजबुल आतंकी शामिल थे। तीनों कांस्टेबल के अपहरण व हत्या में शामिल थे, मौके से हथियार भी बरामद किए गए हैं।
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पाकिस्तानी झंडे में लिपटा आतंकी का शव - फोटो : बासित जरगर
आपको बता दें कि आतंकी कुलगाम के रेडवानी इलाके में एक घर में छिपे थे, मुठभेड़ के दौरान भीड़ ने सुरक्षाबलों पर पथराव भी किया था। हिंसा की आशंका से श्रीनगर-बनिहाल रेल सेवा स्थगित कर दी गई थी। मोबाइल इंटरनेट भी ठप कर दिया गया था। यह तीनों आतंकी कांस्टेबल मोहम्मद सलीम शाह के अपहरण और हत्या में शामिल थे। 
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