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जम्मू-कश्मीर: सुरक्षाबलों ने लिया कांस्टेबल सलीम शाह की हत्या का बदला, ढेर किए 3 आतंकी

Sun, 22 Jul 2018 06:45 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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मारा गया आतंकी उमर वानी और सुहेल अहमद - फोटो : अमर उजाला
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पुलिस और सुरक्षाबलों ने कांस्टेबल सलीम शाह की हत्या का बदला ले लिया है। कुलगाम के खुदवानी क्षेत्र के वानी मोहल्ले में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच चल रही मुठभेड़ के दौरान सुरक्षाबलों ने तीनों आतंकियों को मार गिराया। वहीं सेना के एक जवान के घायल होने की खबर है।

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जम्मू-कश्मीर के डीजीपी एसपी वैद ने बताया कि आतंकियों के जिस ग्रुप ने हमारे जवान सलीम के साथ बर्बरता की थी, एनकाउंटर में ढेर कर दिए गए हैं। तीनों आतंकियों के शव बरामद कर लिए गए हैं। मारे गए आतंकियों के पास से तीन हथियार भी बरामद हुए हैं। मुठभेड़ समाप्त हो गई है। मारे गए सभी आतंकवादी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े थे। सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच यह मुठभेड़ उसी स्थान पर हुई, जहां कांस्टेबल सलीम शाह की हत्या की गई थी। 

उनकी पहचान हो गई है। एक आतंकी पाकिस्तान का है जिसका नाम अबू मुविया है, वहीं दो आतंकी उमर वानी और सुहेल अहमद रेदवानी, कुलगाम का रहने वाला है। स्थानीय लोगों के मुताबिक उमर पिछले महीने लश्कर-ए- तैयबा में शामिल हुआ था। ये सभी आतंकी उमर के एक रिश्तेदार लतीफ अहमद वानी के खुदवानी वाले घर में छिपे हुए थे। मुठभेड़ के दौरान घर क्षतिग्रस्त हो गया है।
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गौरतलब है कि, जम्मू कश्मीर के कुलगाम में छुट्टी पर घर आए ट्रेनी पुलिसकर्मी की आतंकियों ने शुक्रवार को अपहरण करने के बाद शनिवार को उसकी हत्या कर दी थी। जिसके बाद से ही सेना और पुलिस की कई टीम इन आतंकियों की तलाश में जुट गई थी। शनिवार देर रात सुरक्षाबलों ने तीन आतंकियों का ठिकाना तलाश लिया। जिसके बाद खुदवानी क्षेत्र के वानी मोहल्ले में देर रात से ही सुरक्षाबलों ने घेराबंदी कर सुबह होने का इंतजार कर रहे थे। तड़के करीब पांच बजे सुरक्षाबलों ने तीन आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उस घर की ओर बढ़ें जहां आतंकियों के छिपे होने की सूचना थी। इस ऑपरेशन में जम्मू कश्मीर पुलिस और 1 आरआर के जवान शामिल हैं।

सुरक्षाबलों के मूवमेंट की भनक लगते ही आतंकियों ने उनपर फायरिंग शुरू कर दी। जिसका मुंहतोड़ जवाब सेना और जम्मू पुलिस की टीम ने दिया। यह वही आतंकी हैं जिन्होंने ट्रेनी कांस्टेबल को अगवाह किया था। जिसके बाद उसका वीडियो शूट किया और बाद में उसकी हत्या कर दी थी। 

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यह थी पूरी घटना

जम्मू कश्मीर के कुलगाम में आतंकियों ने छुट्टी पर घर आए पुलिसकर्मी सलीम शाह की अपहरण के बाद हत्या पिछले साल अक्टूबर महीने में मुठभेड़ में मारे गए जैश कमांडर व पाकिस्तानी आतंकी आदिल पठान का बदला लेने के लिए की। आतंकी संगठन हिजबुल ने घटना के बाद पुलिसकर्मी का वीडियो वायरल किया है जिसमें उसने आदिल की मुखबिरी करना कबूल किया है। उसने कबूल किया है कि एसपीओ रहने के दौरान वह पुलिस अधिकारी परवेज बिल्ला का मुखबिर रहा है। उसने ही पुलवामा जिले के हरिपारिगाम में आदिल के मौजूद रहने की सूचना दी थी। मुठभेड़ में आदिल व छोटा बर्मी को मार गिराया गया था। एसपीओ से पदोन्नत होने के लिए उसने यह काम किया था। 

घर में घुसकर उठा ले गए थे आतंकी 
जिले के मुतलहामा गांव में शुक्रवार देर रात को आतंकियों का एक दल अब्दुल गनी शाह के घर में जबरन दाखिल हुआ। वे बेटे मोहम्मद सलीम शाह को अगवा कर अपने साथ ले गए। आतंकियों के जाने के तत्काल बाद उन्होंने घटना की सूचना पुलिस को दी। इसके बाद सेना और पुलिस ने पूरे इलाके में तलाशी अभियान चलाया। शनिवार को दोपहर बाद कोईमुह इलाके में घाट ओडिपोरा में उसका शव पाया गया। सूचना पाकर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया।

बीते सवा महीने में आतंकियों ने की तीसरी वारदात 
डीजीपी डॉ. एसपी वैद ने कांस्टेबल की हत्या की पुष्टि करते हुए बताया कि घटना में शामिल आतंकियों की तलाश की जा रही है। ईद के बाद लगभग सवा महीने के अंदर आतंकियों द्वारा सैनिकों व पुलिसकर्मियों की अपहरण के बाद हत्या की यह तीसरी घटना है। ज्ञात हो कि ईद पर घर आ रहे पुंछ निवासी सेना के जवान औरंगजेब की आतंकियों ने अपहरण के बाद 14 जून को हत्या कर दी थी। पांच जुलाई को दक्षिणी कश्मीर के शोपियां जिले में पुलिसकर्मी जावेद अहमद डार की भी अगवा करने के बाद हत्या कर दी गई थी।

पुलिस लाइन पुलवामा में थी तैनाती
सलीम पुलिस में एसपीओ था और हाल ही में कांस्टेबल के पद पर पदोन्नत हुआ था। कठुआ में ट्रेनिंग लेने के बाद उसकी पुलिस लाइन पुलवामा में तैनाती थी। वह कुछ दिन पहले छुट्टी लेकर घर आया था। 

शरीर पर कई जगह चोट के निशान, हिज्ब की करतूत होने का शक
कांस्टेबल के शरीर पर कई जगह टार्चर के निशान थे। पुलिस के अनुसार शरीर पर कई जगह चोट के निशान थे जिससे यह स्पष्ट होता है कि आतंकियों ने काफी बर्बरतापूर्वक उसे प्रताड़ित किया था। प्रारंभिक छानबीन में घटना में आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकियों के शामिल होने का शक है। पुलिस हर पहलुओं की छानबीन कर रहा है। जिला पुलिस लाइन पुलवामा में उसे श्रद्धांजलि दी गई। 
 
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