मंदिरों का शहर जम्मू कहने को अति संवेदनशील। कई आतंकी हमलों का दंश झेल चुका है। बावजूद इसके शहर की सुरक्षा राम भरोसे है। कहीं 10 बजे ही नाकों से पुलिस गायब तो कहीं जान जोखिम में डालकर टाॅर्च की रोशनी से वाहनों की तलाशी लेते पुलिसकर्मी दिखाई दिए। महत्वपूर्ण चौक चौराहों पर ऐसी लापरवाही भारी पड़ सकती है।
यूं कहें कि कई बार भारी पड़ चुकी है। शहर का बस स्टैंड जम्मू, रघुनाथ मंदिर, विवेकानंद चौक, सिद्दड़ा पुल नाका इसका गवाह है। यहां पूर्व में आतंकी वारदातें हो चुकी हैं। रविवार रात अमर उजाला की टीम ने रात 10 बजे से लेकर 11 बजे के बीच कुछ प्रमुख नाकों का हाल देखा। कई महत्वपूर्ण जगहों पर पुलिसकर्मी दिखे ही नहीं।
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जम्मू विवेकानंद चौक
- फोटो : निखिल मेहता
एक पुलिस पोस्ट तो ऐसी मिली, जिसके बाहर बने बूथ में ही कर्मी नहीं था। इन दिनों सरकार भी जम्मू में है। पुलिस और प्रशासन के तमाम बड़े अधिकारी शहर में हैं। क्रिसमस और नव वर्ष आने वाला है। इसे लेकर अलर्ट भी जारी है कि आतंकी किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं। बावजूद इसके शहर की सुरक्षा को लेकर पुलिस गंभीर नजर नहीं दिखती।
विवेकानंद चौक
रात 10:01 बजेकोई भी पुलिसकर्मी नाके पर नहीं दिखा। बिना किसी रोक-टोक वाहन गुजरते रहे। इसी चौक पर वर्ष 2014, 2015 में सीआरपीएफ को निशाना बनाकर ग्रेनेड फेंका जा चुका है। इस नाके को क्रॉस कर सीएम आवास और रघुनाथ मंदिर जैसे महत्ववूर्ण स्थान आते हैं।
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जम्मू सिटी चौक रात 10:06 बजे
- फोटो : निखिल मेहता
सिटी चौक रात 10:06 बजे
चौक पूरी तरह से खाली। बैरिकेड लगे हैं, लेकिन पुलिसकर्मी कोई नहीं। इस चौक से ऐतिहासिक मंदिर मात्र 300 मीटर दूर है। वर्ष 2002 में रघुनाथ मंदिर पर आतंकी हमला हो चुका है। इसी चौक पर मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं के आगमन के लिए भव्य प्रवेश द्वार बनाया गया है। नाके पर एक भी पुलिसकर्मी नहीं मिला।
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जम्मू पुरानी मंडी
- फोटो : निखिल मेहता
पुरानी मंडी
रात 10: 09 बजेये चौक शहर का महत्वपूर्ण क्षेत्र है। दिनभर भीड़ रहती है। शहर के सबसे प्रतिष्ठित मंदिरों में शुमार यहां शिव मंदिर है। बीच चौक पुलिस का बूथ है। यहां साफ अक्षरों में लिखा है कि जम्मू-कश्मीर पुलिस आपकी सेवा में तत्पर है, लेकिन बूथ में कोई कर्मी नहीं। चौक पूरी तरह से खाली।
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जम्मू पंजतीर्थी पुलिस चौकी रात 10:16 बजे
- फोटो : निखिल मेहता
पंजतीर्थी पुलिस चौकी रात 10:16 बजे
यहां तो हद ही हो गई। पुलिस चौकी के बाहर बूथ है, जिसमें पुलिसकर्मी नहीं। इस चौकी से मात्र 100 मीटर की दूर पर राजभवन है। पुलिस का जोनल हेडक्वार्टर है। यहां तक कि चौकी के अंदर अंधेरा पसरा हुआ था।
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सिद्दड़ा पुल
- फोटो : निखिल मेहता
सिद्दड़ा पुल
रात 10:32 बजेपूरे चौक में अंधेरा है। हाथ में टाॅर्च लिए दो पुलिस कर्मी वाहनों की जांच कर रहे थे, लेकिन जान जोखिम में डालकर। ऐसा इसलिए कि मार्च 2022 में इसी चौक पर पुलिसकर्मियों को निशाना बनाकर ग्रेनेड फेंका गया था। किस्मत से कर्मी बच गए। यहीं नहीं, इसी चौक पर दिसंबर 2022 में पुलिस की आतंकियों से मुठभेड़ हुई थी। आतंकी ट्रक में छिपे थे। दो आतंकी वारदातों के बावजूद पूरा चौक में अंधेरा था। यहां तक कि सिद्दड़ा पुल पर एक भी लाइट नहीं जलती मिली।
बस स्टैंड निकास द्वाररात 10:48 बजे
- फोटो : निखिल मेहता
बस स्टैंड निकास द्वाररात 10:48 बजे
बस स्टैंड से लोगों का आना-जाना लगा है। अन्य राज्यों के लिए जाने वाली बसें लगी हैं। इसी चौक पर 2018 और 2019 में एसएचओ और पुलिस टीम को निशाना बनाकर ग्रेनेड हमला हो चुका है। बावजूद, इसके निकास द्वार और आसपास एक भी पुलिस कर्मी नहीं दिखाई दिया। यहां तक कि बस स्टैंड में पुराने पुलिस थाने के बाहर भी हमला हो चुका है।