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इन तस्वीरों को देख देश के दुश्मन के सीने पर लोटेंगे सांप, युवा बोले- उसे सबक सिखाने के लिए तैयार हूं

Fri, 04 Oct 2019 12:48 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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सेना की भर्ती - फोटो : बासित जरगर
राज्य में अुच्छेद 370 की समाप्ति व जम्मू कश्मीर और लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाने के फैसले की घोषणा के दो महीने बाद श्रीनगर में आयोजित पहली सेना भर्ती रैली में उमड़ी युवाओं की भीड़ ने आतंक के खौफ को ठेंगा दिखाते हुए देश के प्रति अपने प्रेम का इजहार किया। इस रैली में 2000 से अधिक युवा शामिल हुए।  
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सेना की भर्ती - फोटो : बासित जरगर
श्रीनगर के बाहरी क्षेत्र हुम्हामा स्थित जम्मू एंड कश्मीर लाइट इन्फेंट्री (जैकलाई) रेजिमेंटल सेंटर में गुरुवार को भारतीय सेना द्वारा दो दिवसीय भर्ती रैली का आयोजन किया गया था। पहले दिन सुबह करीब 7 बजे ही रेजिमेंटल सेंटर के बाहर हजारों की संख्या में युवा लंबी-लंबी कतारों में अपनी पारी का इंतजार कर रहे थे। इन युवाओं में काफी जोश देखा गया।
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सेना की भर्ती - फोटो : बासित जरगर
जैकलाई रेजिमेंटल सेंटर के कमांडर एसआर शर्मा ने बताया कि जैकलाई में 2780 पोस्ट की भर्ती के लिए दो दिवसीय भर्ती रैली का आयोजन किया गया है। पहले ही दिन राज्य के विभिन्न इलाकों से करीब 2000 से अधिक युवा इस भर्ती रैली में भाग लेने पहुंचे हैं। इससे पहली आयोजित हुई रैलियों में यह आंकड़ा 1700 के करीब रहता था।

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सेना की भर्ती - फोटो : बासित जरगर
बता दें कि जम्मू कश्मीर के राज्यपाल ने अपनी एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा था कि आने वाले दिनों में जम्मू कश्मीर के युवाओं के लिए केंद्र द्वारा रोज़गार के द्वार खोले जाएंगे। सेना के कमांडर ने भी बताया कि यह भर्ती प्रक्रिया उसी का एक हिस्सा है। कमांडर के अनुसार उनकी रेजिमेंट में मौजूदा समय में करीब 18000 जवान हैं जिनमें से करीब 6000 कश्मीर संभाग से हैं जबकि बाकी जम्मू संभाग से। ऐसा ही अनुपात भर्ती में भी देखने को मिलता है।

 
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सेना की भर्ती - फोटो : बासित जरगर
इस रैली में भाग लेने पहुंचे युवाओं में काफी जोश था। उनमें एक चाह थी भारतीय सेना में शामिल होकर देश की सेवा करने की। कश्मीर संभाग से भाग लेने पहुंचे अधिकतर युवा एलओसी से सटे इलाकों से थे जो आये दिन पाकिस्तान द्वारा की जाने वाली गोलीबारी से तंग हैं। उनका कहना था कि वह सेना में शामिल होकर दुश्मन को मुहतोड़ जवाब देने के लिए बेताब हैं।
 
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सेना की भर्ती - फोटो : बासित जरगर
कुकरनाग के सरताज अहमद ने बताया कि वह सेना का शुक्रिया अदा करते हैं कि उन्हें मौका दिया। हिंदुस्तान हमारा घर है और घर की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है जो हम केवल सेना में शामिल होकर कर सकते हैं।

 
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सेना की भर्ती - फोटो : बासित जरगर
सीमावर्ती इलाके तंगधार के इशफाक अहमद ने बताया कि उसे फौज में शामिल होने का जुनून था। सेना ने उन्हें देश की रक्षा करने का मौका दिया है। एक अन्य प्रतिभागी इफ्तिखार अहमद ने बताया हमें अपने आप पर फक्र है कि हम सेना का हिस्सा बनने जा रहे हैं और हमें देश की सेवा करने का मौका मिल रहा है।

 

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सेना की भर्ती - फोटो : बासित जरगर
कश्मीर घाटी में 5 अगस्त के बाद सार्वजनिक परिवहन सुविधाएं काफी कम हैं। ऐसे में दूर दराज के इलाकों से श्रीनगर पहुंचने के लिए इन युवाओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

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सेना की भर्ती - फोटो : बासित जरगर
कोई एक दिन तो कोई दो दिन पहले ही श्रीनगर पहुंच गया था।
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सेना की भर्ती - फोटो : बासित जरगर
श्रीनगर से करीब 150 किलोमीटर से अधिक दूरी पर रहने वाले एलओसी से सटे करनाह सेक्टर के सिकंदर चौधरी ने बताया कि सामान्य हालातों में भी उनके गांव से श्रीनगर पहुंचने में करीब 8 घंटे लगते हैं और इसे ध्यान में रखते हुए वह दो दिन पहले घर से निकले, कुछ सफर पैदल तय किया तो कुछ दूर लिफ्ट लेकर। अंतत: 11 घंटे बाद श्रीनगर पहुंच गए।

 
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