अपने साहसिक जज्बे से देश को गौरवान्वित करने वाले सेना के जांबाज जवानों ने एक बार फिर सारे देश को गर्व करने का एक मौका दिया । लद्दाख में 20187 फीट की ऊंचाई पर भारतीय सेना के जवानों नें तिरंगा लहराकर देश को गौरवान्वित करने का मौका दिया है । तस्वीरों में देखिए कैसे गोरखा रेजीमेंट के जांबाज जवानों ने बर्फीेले पहाडों के बीच लहरा दिया भारत का राष्ट्रीय ध्वज:
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Indian Army
- फोटो : ADGPI- Indian Army
युद्ध के मैदान में अपनी ताकत का लोहा मनवाने वाले सेना के जांबाज सिपाहियों ने बर्फिले पहाड़ों की हजारों फीट की ऊंचाई पर खुद ट्रेकिंग करते हुए शान से भारतीय ध्वज को फहरा दिया ।
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- फोटो : File Photo
लद्दाख की दुर्गम पहाड़ियों पर पहुंचे 9 गोरखा राइफल्स के जवानों ने स्टॉक कांगड़ी की ऊंची चोटी पर तिरंगे को लहरा दिया ।
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Indian Army
- फोटो : File Photo
हेमिस राष्ट्रीय उद्यान में स्थित ये चोटी लद्दाख क्षेत्र में हिमालय की स्टॉक पर्वतमाला के सबसे ऊंची चोटी है।
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Indian Army
- फोटो : File Photo
9 गोरखा रेजीमेंट की पहली बटालियन की ये टीम 9 सितंबर को दिल्ली से रवाना हुई थी जिसने 30 सितंबर को इस 6153 मीटर यानि 20187 फीट की शीर्ष चौकी पर तिरंगा लहाराया ।
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Indian Army
- फोटो : File Photo
इसके एक हफ्ते बाद ही एक बार फिर भारतीय सेना के जवानों ने 15280 फुट की ऊंचाई पर सित्ति धकयार नामक शीर्ष पर तिरंगा को फहराया।
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Indian Army
- फोटो : Amar Ujala
कलाकोट स्थित सेना की राष्ट्रीय राइफल बटालियन के जवानों का एक दल सैन्य कैप्टन एसबी मंडल की अगुवाई में ट्रैकिंग के लिए 14 सितंबर को रवाना हुआ थे।
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शिवलिक पहाड़ी
- फोटो : File Photo
22 दिन के इस ट्रैकिंग दल ने शिवालिक रेंज की मुश्किल पहाड़ियों को चड़ते हुए करीब 150 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर धकयार शीर्ष पर दस्तक दी। मिलाप नामक इस ट्रैकिंग अभियान के दौरान सैन्य जवानों ने रास्ते में पड़ने वाले कई गांवों के लोगों को सरकारी की विभिन्न योजनाओं बारे जागरूक किया।
उन्होंने लोगों को सेना में भर्ती हो देश की सेवा करने के लिए प्रेरित किया। ट्रैकिंग दल अपने अभियान के दौरान कई जोखिम भरे रास्तों पर चल कर पहाड़ियों तक पहुंचे । इन सैनिकों ने दूर दराज के पिछड़े क्षेत्रों के लोगों को स्वच्छ भारत और बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ अभियान बारे भी जागरूक किया।