सेना द्वारा चलाए गए ऑपरेशन ‘मां’ की बदौलत इस साल लगभग भटके हुए 50 कश्मीरी युवक आतंकवाद की धारा छोड़कर मुख्य धारा में लौट आए। यह ऑपरेशन सेना की 15वीं कोर ने शुरू किया। कश्मीर घाटी में तैनात 15वीं कोर (चिनार कॉप्स) के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल कंवल जीत सिंह ढिल्लों के निर्देश पर इस ऑपरेशन को शुरू किया गया। इसके तहत सेना ने लापता युवकों के बारे में जानकारी एकत्र करने के बाद उनके परिवारों से संपर्क किया।
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ले. जनरल केजेएस ढिल्लों
- फोटो : अमर उजाला
जीओसी केजेएस ढिल्लों ने हाल ही में समाचार एजेंसी को बताया कि पवित्र कुरान में इस बात का उल्लेख है कि अच्छा करो फिर अपनी मां की सेवा करो, इसके बाद पिता की सेवा करो। इस बात ने ही मुझे भटके हुए युवाओं को सही राह पर लाने का रास्ता दिखाया। लेफ्टिनेंट जनरल ढिल्लों ने घाटी के कुछ माता-पिता के पहचान गुप्त रखते हुए उनके द्वारा भेजे गए संदेशों को दिखाया और बताया कि उनके लिए यह घाटी की ओर से अनमोल और दिल को छू लेने वाला उपहार है।
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भारतीय सेना
- फोटो : अमर उजाला
1988 के बाद से कई कार्यकालों में घाटी में अपनी सेवाएं देने वाले ले.जनरल ढिल्लों ने बताया कि कुछ स्थानों पर युवाओं को आत्मसमर्पण की सुविधा देने के लिए मुठभेड़ों को बीच में ही रोक दिया गया। उन्होंने बताया कि स्थानीय आतंकवादी के एनकाउंटर में फंस जाने की सूचना मिलने पर हम उसकी मां का पता लगाकर दोनों के बीच संबाद स्थापित करवाते हैं। कई बार इस संवाद का सुखद अंत होता है। यही वह तरीका है जिसकी मदद से सेना कश्मीरी लोगों की जान बचाने की कोशिश कर रही है।
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भारतीय सेना
- फोटो : बासित जरगर
सैन्य कमांडर ने कहा कि हम लाशों की गिनती नहीं रखते लेकिन जो लड़के घर लौट कर परिवारों से जुड़ते हैं उन्हें हम प्यार करते हैं। इस वर्ष अब तक 50 युवा मुख्य धारा में वापस आ चुके हैं। विभिन्नआतंकवादी गुटों से जुड़ने वाले युवाओं में 83 फीसदी का रिकार्ड पत्थरबाज का रह चुका होता है। ऐसे में
सात फीसदी युवक हथियार थामने के 10 दिन के भीतर ही ढेर
आतंकवाद से निपटने में सेना की सफलता दर का विवरण देते हुए ले.जनरल ढिल्लों ने कहा, किसी आतंकी गुट में शामिल होने वाले सात प्रतिशत युवाओं को हथियार उठाने के पहले 10 दिनों के भीतर मार दिया जाता है। इसके बाद आतंकियों के मारे जाने के की दर एक महीने में 9 प्रतिशत, तीन महीने में 17 प्रतिशत, छह माह में 36 फीसदी और पहले एक साल में 64 फीसदी है।