धन्य होते हैं वे माता-पिता भी जो बेटे की शहादत की जाम को पीकर भी फख्र करते हैं। उधमपुर के लाल शहीद कैप्टन तुषार के माता-पिता भी वैसे ही हौसले वाले इंसान हैं।
Trending Videos
विज्ञापन
बेटे की शहादत पर पिता ने कहा- भगवान ऐसे बेटे हर घर में दें
2 of 10
तुषार के पिता ने कहा कि भगवान हर घर में ऐसा बेटा दे। तुषार को बचपन से ही सेना में जाने का शौक था। इसलिए जब तुषार ने सेना को चुना तो परिवार के सभी सदस्यों ने तुषार उसके फैसले को पूरी तरह से सराहा।
विज्ञापन
बेटे की शहादत पर पिता ने कहा- भगवान ऐसे बेटे हर घर में दें
3 of 10
कैप्टन तुषार के शहीद होने की खबर जैसे ही उसकी मां को मिली कि वह जैसे पत्थर की हो गई। सुधबुध खो बैठी। आंखें पथरा गईं। एक कतरा आंसू नहीं छलक पाया।
बेटे की शहादत पर पिता ने कहा- भगवान ऐसे बेटे हर घर में दें
4 of 10
कैप्टन तुषार के घर का माहौल अचानक बदल गया। उसके घर में बड़े भाई की शादी की तैयारियां चल रही थी। खुशी का माहौल था।
विज्ञापन
बेटे की शहादत पर पिता ने कहा- भगवान ऐसे बेटे हर घर में दें
5 of 10
कुछ दिन पहले तुषार ने खुद की मनपसंद कलर से घर को रंगवाया था। लेकिन सारी खुशियां मातम में बदल गई।
विज्ञापन
बेटे की शहादत पर पिता ने कहा- भगवान ऐसे बेटे हर घर में दें
6 of 10
इस सदमे ने पूरे परिवार को तोड़ कर रख दिया। मां इतनी बदहवास हो गईं कि दिल में बेटे के प्रति प्यार का जो गहरा सागर होता है, वह जैसे सूख गया। मनहूस खबर सुनकर भी न तो उनकी आंखों से आंसू निकल पाए और न ही मुंह से चीत्कार।
विज्ञापन
बेटे की शहादत पर पिता ने कहा- भगवान ऐसे बेटे हर घर में दें
7 of 10
बचपन से ही देश के लिए कुछ कर दिखाने की चाह में तुषार ने साल 2010 में एनडीए की परीक्षा पास की। तुषार की देश के लिए दी गई कुर्बानी ने उनके कुल का नाम अमर कर दिया।
बेटे की शहादत पर पिता ने कहा- भगवान ऐसे बेटे हर घर में दें
8 of 10
शहीद कैप्टन तुषार ने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई उधमपुर से ही की। तुषार ने दसवीं तक की शिक्षा लिटिल फ्लावर कान्वेंट स्कूल से हासिल की।
बेटे की शहादत पर पिता ने कहा- भगवान ऐसे बेटे हर घर में दें
9 of 10
इसके बाद हायर सेकेंडरी की पढ़ाई के लिए तुषार केंद्रीय विद्यालय पहुंचे। बारहवीं की परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करने के बाद तुषार ने एनडीए की परीक्षा पास कर सेना का दामन थामा।
बेटे की शहादत पर पिता ने कहा- भगवान ऐसे बेटे हर घर में दें
10 of 10
तुषार के पिता ने जब अपने पुत्र के पार्थिव शरीर को देखा तो गर्व से पहले तो उनके हाथ सलाम को उठ गए। पर उसके फौरन बाद अपने जवान बेटे को खोने के गम से टूट गए। उनके कदम अचानक लड़खड़ा गए।