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PIX: सेना ने ऐसे उड़ाई 15km लंबी झंस्कार झील

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लद्दाख क्षेत्र में झंस्कार नदी में बनी कृत्रिम झील के कारण जल बहाव में रुकावट आने के बाद किसी भी समय आपात की आशंका को ‘आपरेशन फुकटल’ ने नाकाम कर दिया है।
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सेना द्वारा वहां ‘आपरेशन फुकटल’ के तहत बनाए गए नदी में लैंड स्लाइड से बनी झील से पानी निकालना शुरू हो गया है। इससे बड़ा हादसा टल गया।
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नार्दर्न कमान के प्रवक्ता कर्नल एसडी गोस्वामी के अनुसार, जल के बहाव पर करीब से पैनी नजर रखी जा रही है।

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सेना, वायुसेना, एनडीएमए और स्थानीय प्रशासन के संयुक्त प्रयास से आपरेशन सफलतापूर्वक पूरा हुआ।
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बता दें कि लैंड स्लाइड से झंस्कार घाटी में झील बन गई थी, जिसके कभी भी फटने की आशंका जताई जा रही थी।
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इस झील में 30 मिलियन क्यूबिक पानी जमा हो गया था। लैंडस्लाइड से नदी पर 15 किलोमीटर लंबी झील बन गई थी।
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कड़ाके की ठंड में हिमनद बनी यह नदी गर्मी आते ही पिघलकर विकराल रूप ले सकती थी, पानी के दबाव से बांध के फटने का खतरा बना हुआ था।

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सनद रहे कि विश्व प्रसिद्घ फुटकल गोंफा भी पादुम और कृत्रिम झील के बीच में ही है। इलाके पर मंडरा रहे इस खतरे से निपटने के लिए केंद्र सरकार और राज्य ने युद्घस्तर पर मुहिम चलाई।

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बता दें कि, कृत्रिम झील के दायरे में 29 गांव और निम्मो बाजगो, चुटुक व एलची पन बिजलीघर आ रहे थे, अगर झील को धमाकों से उड़ाया न जाता तो भारी तबाही हो सकती थी।

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रास्ता खुलने के बाद बहता झील का पानी।
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कृत्रिम झील तक पहुंचने का रास्ता बहुत दुर्गम है। इसलिए झील तक मजदूरों, मशीनों और अन्य साजो-सामान को विमानों और हेलीकाप्टरों के जरिये पहुंचाया गया।
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