रियासत में तीसरे दिन भी शनिवार को घाटी सहित अन्य कई पर्वतीय इलाकों में बारिश के साथ बर्फबारी हुई। सांबा, कठुआ, उधमपुर के अलावा अन्य कई जिलों में ओले पड़ने से फसलों को नुकसान पहुंचा है।
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- फोटो : Amar Ujala
चिनैनी, रियासी, नौशेरा के पहाड़ी क्षेत्रों में 100 से अधिक कच्चे मकानों को क्षति पहुंची है। कई पक्के मकान ढह गए हैं। खराब मौसम से तीसरे दिन भी जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बहाल नहीं हो पाया।
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हाईवे पर अलग-अलग जगह 550 ट्रक और 50 यात्री वाहन फंसे हुए हैं। बटोत-डोडा राजमार्ग भूस्खलन के कारण बंद है। शनिवार सुबह बारिश से कटड़ा-सांझीछत चापर सेवा प्रभावित हुई। अगले 48 घंटों में राज्य के कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।
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एसएसपी हाईवे संजय कोतवाल के अनुसार रामबन और बनिहाल के बीच कई जगहों पर पहाड़ों से पत्थर गिरने और भूस्खलन से जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को पूरी तरह से बहाल करना मुश्किल हो रहा है।
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उधमपुर के निकट खैरी में भूस्खलन से बीती रात हाईवे बंद रहा। शनिवार सुबह 10 बजे मलबा हटाकर पत्नीटॉप तक हाईवे खोला जा सका। गुलमर्ग में पिछले 24 घंटों में तीन फुट तक बर्फ गिरी है।
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जिला कठुआ के बिलावर के अलावा बनी, मछेड़ी, रामकोट, लाखड़ी, दान जस्तार, महानपुर और अन्य इलाकों में ओले गिरने से गेहूं, सरसों और प्याज की फसलों को नुकसान पहुंचा है।
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पर्यटक स्थल पत्नीटॉप, नत्थाटाप, जुगधार, शिवगढ़ धार, देराटॉप, स्योजधार में बर्फ के साथ ओले गिरे हैं। चिनैनी में भी ओलावृष्टि हुई। कुद में करीब छह इंच तक ओलावृष्टि हुई।
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Rain havoc
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चिनैनी के साथ लगते गांव लोअर मादा में बीती रात तेज हवाओं से एक मकान में दरारें आ जाने से वह गिर गया। लेकिन, ऐन मौके पर परिवार के सदस्यों के बाहर आने पर वे बच गए। रियासी जिले में करीब 70 कच्चे मकानों को नुकसान होने की सूचना है।
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तहसील अरनास के अरनास, हंदर, चलाद, बरला में 22 कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचा है। बिजली गिरने से चंकाह में 150 के करीब भेड़-बकरियों के मारे जाने की सूचना है।
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Rain havoc
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नौशेरा में मूसलाधार बारिश से एक मकान ढह गया है। सुंदरबनी में तेज बारिश से दूरदराज के कई इलाकों में सड़कें बह गई हैं। पुंछ जिले के मेंढर में बारिश से हुए नुकसान के विरोध में लोगों ने सड़कों पर आकर प्रदर्शन किया।
श्रीनगर में 24 घंटों में 52.8, पहलगाम में 40, गुलमर्ग में 44, जम्मू में 0.9, कटड़ा में 14.8, बनिहाल में 69.2, बटोत में 99.6 मिलीमीटर बारिश हुई। कारगिल और गुलमर्ग न्यूनतम तापमान माइनस 2.5 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे सर्द रहे।