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मौसम और माहौल ने बदली घाटी की फिजा, देखें जम्मू-कश्मीर की वो तस्वीरें जिनका था देश को इंतजार

Sun, 17 Nov 2019 02:54 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू/श्रीनगर
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हाल-ए-कश्मीर - फोटो : बासित जरगर
घाटी के हालात तेजी से बदल रहे हैं, इसकी गवाह रविवार को श्रीनगर में लगने वाली बाजार बनी। भारी संख्या में लोग बाजार में खरीदारी करते नजर आए। वहीं दुकानदारों के चेहरे पर भी खुशी साफ दिख रही थी।
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हाल-ए-कश्मीर - फोटो : बासित जरगर
बता दें कि घाटी में तेजी से बदलते हालातों के मद्देनजर रेलवे ने भी रेल सेवा बहाल कर दी है। सड़कों पर भी वाहनों की संख्या बढ़ रही है। लोग आतंकियों की धमकियों की परवाह न करते हुए बेखौफ होकर घरों से बाहर निकल रहे हैं।
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हाल-ए-कश्मीर - फोटो : बासित जरगर
वहीं पिछले सोमवार को श्रीनगर-बारामुला रेल लाइन पर ट्रायल के बाद मंगलवार से सेवा शुरू कर दी गई थी। श्रीनगर-बनिहाल के बीच ट्रेन फिर से चलाने के फैसले का दक्षिणी कश्मीर के लोगों ने स्वागत किया है।

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हाल-ए-कश्मीर - फोटो : बासित जरगर
लोगों के अनुसार रेल सेवा दोबारा शुरू होने से उन्हें बड़ी राहत मिलेगी। जीआरपी के एसएसपी शौकत हुसैन ने कहा कि यहां पिछले करीब तीन महीने से रेल सेवा स्थगित थी। इससे लोगों को दिक्कतें हो रही थीं।
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हाल-ए-कश्मीर - फोटो : बासित जरगर
जम्मू-श्रीनगर हाईवे बंद होने की स्थिति में यह बड़ा सहारा होता है। इसलिए इसे चलाना बहुत जरूरी था। ट्रायल के दौरान वह खुद ट्रेन में बैठकर बनिहाल तक गए। सब कुछ ठीक है।
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हाल-ए-कश्मीर - फोटो : बासित जरगर
अनुच्छेद 370 हटने के बाद एजेंसियों को लगा था कि रेल को पटरी पर दौड़ाना सुरक्षित नहीं है। इसलिए उन्होंने रेल प्रबंधन को घाटी में पांच अगस्त से जम्मू संभाग के बनिहाल से उत्तरी कश्मीर के बारामुला तक रेल सेवा बंद रखने के निर्देश दिए थे। इन तीन महीने में रेलवे को करीब तीन करोड़ का नुकसान हुआ है।
 
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हाल-ए-कश्मीर - फोटो : बासित जरगर
ऐसा दूसरी बार हुआ है कि रेल सेवा को इतने लंबे समय के लिए बंद रखा गया हो। इससे पहले 2016 में हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद बने हालात के चलते ट्रेन सेवा करीब पांच महीने तक बंद रही थी। तब रेलवे को करीब पांच करोड़ का नुकसान हुआ था। 2017 और 2018 में क्रमश: 44 और 30 दिन तक रेल सेवा एहतियातन बंद रही थी, उस समय एक करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ था।    
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