हाल-ए-कश्मीर
- फोटो : बासित जरगर
ऐसा दूसरी बार हुआ है कि रेल सेवा को इतने लंबे समय के लिए बंद रखा गया हो। इससे पहले 2016 में हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद बने हालात के चलते ट्रेन सेवा करीब पांच महीने तक बंद रही थी। तब रेलवे को करीब पांच करोड़ का नुकसान हुआ था। 2017 और 2018 में क्रमश: 44 और 30 दिन तक रेल सेवा एहतियातन बंद रही थी, उस समय एक करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ था।