विश्व के सबसे ऊंचे युद्ध क्षेत्र सियाचिन में जाकर एक बार फिर बेटियों ने देश को गर्व करने का मौका दिया है ।
विज्ञापन
2 of 9
सियाचिन में बेटियों ने लहराया तिरंगा
- फोटो : ADGPI- Indian Army
21 सितंबर को लेह से रवाना हुई इन 8 लड़कियों ने सियाचिन के आर्मी बेस कैंप बेहद मुश्किल हालातों में पहुंच कर सेना के जवानों का हौसला बढ़ाया है ।
विज्ञापन
3 of 9
सियाचिन में बेटियों ने लहराया तिरंगा
- फोटो : ADGPI- Indian Army
बेहद मुश्किल हालातों में देश की रक्षा करने वाले सेना के जवानों का हौसला बढ़ाने के लिए सियाचिन पहुंचे 46 लोगों के एक दल में शामिल इन लड़कियों ने 23 दिन में लेह से सियाचिन की इस यात्रा को पूरा किया है ।
4 of 9
सियाचिन में बेटियों ने लहराया तिरंगा
- फोटो : ADGPI- Indian Army
सियाचिन पहुंचे इस दल में कुल 46 लोग शामिल हैं, जिसमें 36 आम लोगों के साथ भारतीय सेना के 10 प्रशिक्षक भी शामिल हैं। जिन 36 आम लोगों ने सियाचिन की इस यात्रा को पूरा किया है उनमें ही ये 8 लड़कियां भी हैं ।
विज्ञापन
5 of 9
siachin
- फोटो : ADGPI- Indian Army
ये सभी लोग समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े हुए हैं जिनमें कई सरकारी कर्मचारी, प्राइवेट कंपनियों के कर्मचारी और सेना के कॉलेजों के विद्यार्थी शामिल हैं।
विज्ञापन
6 of 9
siachin
- फोटो : ADGPI- Indian Army
आमजन को सेना के इस सबसे बड़े रणक्षेत्र तक ले जाने का ये एक अनोखा कार्यक्रम था जिसमें देश के विभिन्न वर्गों के लोगों ने बड़े उत्साह के साथ हिस्सा लिया।
विज्ञापन
7 of 9
siachin
- फोटो : File Photo
इन सभी लोगों ने सफलता से सियाचिन की इस मुश्किल चढ़ाई को अपने बुलंद हौसले के साथ पूरा किया, जिसके बाद ये 13 अक्टूबर को सेना के बेस कैंप में पहुंचे ।
8 of 9
siachin
- फोटो : File Photo
सियाचिन को दुनिया के सबसे मुश्किल रणक्षेत्र के रूप में जाना जाता है। सर्दियों के दिनों में कई बार यहां का तापमान - 50 डिग्री तक हो जाता है ।
बेहद कठिन हालातों में भारतीय सेना के जवान यहां रहकर देश की रक्षा के लिए ड्यूटी करते हैं । सियाचिन के इस रणक्षेत्र में सेना के जवानों को तैनाती देने से पहले विशेष ट्रेनिंग दी जाती है ।