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कश्मीर में पाक झंडे लहराने वालों का क्या होगा अंजाम?

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होशियारपुर। जम्मू-कश्मीर में बार-बार पाकिस्तानी झंडे लहराए जाने का ठीकरा जम्मू-कश्मीर विधानसभा के स्पीकर कवींद्र गुप्ता ने मीडिया के सिर फोड़ा है। उन्होंने कहा कि मीडिया के ही कुछ लोग खबर बनाने की खातिर इस तरह की हरकतें कराते हैं। जहां भी 10 लोग इकट्ठे दिखे, मीडिया के कुछ लोग जानबूझ कर उन्हें उकसाकर खुद कह कर पाकिस्तानी झंडे लहरवा देते हैं।

(फाइल फोटो)
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जान‌िए, कश्मीर में पाक झंडे लहराने वालों का क्या होगा अंजाम

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गुपचुप तरीके से बनाई जा रही रिपोर्ट में कई अलगाववादी नेताओं पर अब तक दर्ज हुए मामलों की जानकारी दी जा रही है। सूत्रों के अनुसार किस थाने में किस धारा के तहत मामला दर्ज हुआ व पुलिस ने क्या कार्रवाई की, यह तमाम तथ्य रिपोर्ट में शामिल किए जा रहे हैं। राज्य सरकार से रिपोर्ट मिलने के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय इस पर कोई बड़ा निर्णय लेगा।
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पीएसए में बुक किए जाएंगे अलगाववादी

घाटी में अलगाववादियों की लगातार बढ़ रही सक्रियता को देखते हुए सख्ती का फैसला किया गया है। राज्य सरकार अलगाववादियों को कतई रियायत देने के मूड में नहीं है। अब पाकिस्तानी झंडा लहराने वालों तथा भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों को पीएसए में बुक किया जाएगा। मसर्रत आलम के साथ अब तक चार को पीएसए में जेल भेजा जा चुका है।

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इनके खिलाफ जितने भी मामले दर्ज हुए हैं, उसकी पूरी रिपोर्ट बनाकर देने को कहा गया है। इसके तहत पुलिस ने कश्मीर संभाग के कई थानों का रिकार्ड लिया है। शुरूआती तौर पर बनाई जा रही रिपोर्ट में अब तक 50 से अधिक मामले शामिल किए जा चुके हैं।
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इनमें कई बड़े अलगाववादी नेताओं के नाम शामिल हैं। कुछ नेता ऐसे भी हैं जिन पर मामले तो दर्ज कर लिए गए, लेकिन आज तक उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया। सिर्फ हालात को देखते हुए घरों में ही नजरबंद किया जाता रहा है।
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लेकिन अब मंत्रालय इन पर कार्रवाई करने के मूड में है। क्योंकि वर्ष 2015 में पाक झंडे लहराने के मामलों में एकाएक बढ़ोतरी हुई है। मर्सरत आलम की रिहाई के बाद शुरू हुआ सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। इससे केंद्र चिंतित है।
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