श्री अमरनाथ यात्रियों को इस बार मौसम की सटीक जानकारी यात्रा शुरू करने से पहले ही मिल जाएगी। इसके लिए वेब पेज पर सेटेलाइट से जारी छवियों को जारी किया जाएगा। यह प्रक्रिया 20 जून से शुरू हो जाएगी।
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यात्रा प्रबंध में लगे अधिकारियों को एसएमएस के जरिये भी मौसम की जानकारी दी जाएगी ताकि लोगों की सुरक्षा के आवश्यक प्रबंध किए जा सकें। मौसम की भविष्यवाणी जम्मू, बटोत, बनिहाल, काजीगुंड, पहलगाम और श्रीनगर में स्थापित आईएमडी की वेध शालाओं के द्वारा दिए गए डाटा के आधार पर जारी की जाएंगी।
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इसके अलावा चंदनवाड़ी, शेषनाग, पंजतरणी, पवित्र गुफा और बालटाल में आटोमेटिक वेदर स्टेशन (एडब्ल्यूएस) स्थापित किए जाएंगे। साथ ही बालटाल और नुनवन बेस कैंपों में एलईडी डिसप्ले बोर्ड लगाए जाएंगे। इन पर मौसम संबंधित जानकारी होगी।
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श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) के सीईओ पीके त्रिपाठी की अध्यक्षता में वीरवार को हुई बैठक में अमरनाथ यात्रा के सही संचालन के लिए मौसम की भविष्यवाणी को लेकर किए गए प्रबंधों की समीक्षा की गई। मौसम विभाग श्रीनगर के निदेशक सोनम लोटस ने जानकारी दी कि श्रीनगर में एक्स-बैंड डोपलर वेदर राडार पिछले करीब दो माह से लगा हुआ है।
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इसकी रेंज 100 किलोमीटर है। इस रडार द्वारा अभी तक मौसम की विश्वसनीय भविष्यवाणी की गई है। सीईओ ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि मौसम के मिजाज और संकटमय मौसम की जानकारी श्रद्धालुओं और बोर्ड प्रबंधन को पहले और समय से मिलनी चाहिए।
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सीईओ ने कहा कि सही मौसम की जानकारी की जरूरत है ताकि श्राइन बोर्ड श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए समय पर निर्णय ले सके। उन्होंने श्रद्धालुओं से रियासत से संबंधित मौसम की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा पर आने के लिए अनुरोध किया। बैठक में एसएएसबी के एडिशनल सीईओ जितेंद्र कुमार सिंह के अलावा आईएमडी श्रीनगर के साइंटिफिक असिस्टेंट मोहम्मद हुसैन मीर भी थे।