कश्मीर में पाबंदियों के बीच किए जा रहे दुष्प्रचार की सरकार ने काट निकाली है। एक खास अभियान के तहत सरकार की ओर से प्रमुख स्थानीय अखबारों में विज्ञापन देकर आतंकवाद और दुष्प्रचार को कश्मीर के हालात का जिम्मेदार बताया है। इसमें कहा गया है कि कश्मीर की जनता को पिछले 70 वर्षों से गुमराह किया जा रहा है। इसके नतीजे सभी के सामने हैं। इसमें अलगाववादियों पर भी निशाना साधा गया है। इसमें कहा गया है कि अलगाववादी युवाओं को गुमराह करते आ रहे हैं।
वहीं, सरकार के इस विज्ञापन पर नजरबंद पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के ट्विटर हैंडल पर प्रतिक्रिया आई है। महबूबा के हवाले से लिखा गया है कि अखबार को दिए गए फ्रंट पेज के विज्ञापन में सरकार के दलील देने के लहजे पर ध्यान दें। पांच अगस्त से बंद के बावजूद कश्मीरियों ने विरोध प्रदर्शन के तौर पर एक सिविल कर्फ्यू का दृढ़ संकल्प लिया है। अगर सरकार सही मायने में लोगों के बारे में सोचती है तो पहले टेलीकॉम प्रतिबंध हटाए। गौरतलब है कि सरकार ने स्कूलों और कॉलेजों को फिर से से खोल दिया है।
दसवें जुमा पर भी जामिया मस्जिद में नमाज नहीं
श्रीनगर शहर के कई संवेदनशील इलाकों में शुक्रवार को फिर से धारा 144 लागू कर दी गई। श्रीनगर के सोवरा के एक स्थानीय ने बताया कि सुबह ही उनके इलाके में पुलिस ने लाउडस्पीकर से धारा 144 लगाने की मुनादी की। सोवरा के मुख्य बाजारों में कई जगहों पर तारबंदी भी की गई थी। ऐसा ही नजारा अन्य संवेदनशील इलाकों और डाउन टाउन के कुछ इलाकों में देखने को मिला।
इस बीच श्रीनगर के नौहट्टा इलाके में स्थित ऐतिहासिक जामिया मस्जिद में लगातार दसवें जुमा को भी नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं दी गई। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि हालात की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाए गए थे। उधर, सिविल लाइन इलाकों में रोजाना की तुलना गहमागहमी में थोड़ी कमी देखने को मिली।
वायु सेना प्रमुख पहुंचे श्रीनगर, तैयारियों का लिया जायजा
वायु सेना प्रमुख का पदभार संभालने के बाद एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया शुक्रवार को श्रीनगर पहुंचे। दिल्ली से बाहर अपने पहले दौरे में उन्होंने श्रीनगर में एयरफोर्स के जवानों से मुलाकात की। एयरफोर्स की तैयारियों तथा सुरक्षा स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने जवानों से मिलकर उनका हौसला बढ़ाया। कठिन परिस्थितियों में पूरी मुस्तैदी के साथ सेवा करने के जज्बे को उन्होंने सलाम किया।