जम्मू-कश्मीर में इन दिनों सियासी पारा हाई है। गुलाम नबी आजाद के विरोध और समर्थन में हुए प्रदर्शनों से सियासी भूचाल आ गया है। यह पहली बार हुआ है जब आजाद के खिलाफ खुलकर जम्मू में नारे लगे हैं। इससे पार्टी में सियासी हलचल बढ़ी है। पार्टी के वरिष्ठ नेता भी इस घटनाक्रम के बाद दोनों पक्षों पर मंथन कर रहे हैं। इसमें कोई भी आजाद के खिलाफ नहीं बोल रहा है। हालांकि, गत दिनों जी-23 के नेताओं के बोल पार्टी कार्यकर्ताओं को नागवार गुजरे हैं। जम्मू में पार्टी को बिना जानकारी आजाद के विरोध और समर्थन में प्रदर्शन हुए। इसे विरोध पक्ष में पार्टी कार्यकर्ताओं के विरोध को भी माना जा रहा है।