जम्मू-कश्मीर में शनिवार को एक बार फिर मौसम ने करवट बदली। कश्मीर व जम्मू संभाग के ऊंचे पर्वतीय इलाकों में हल्की बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश से तापमान में गिरावट से ठंड और बढ़ गई है। वहीं जवाहर टनल पर बर्फबारी का सिलसिला जारी रहने और रामबन जिले में कई स्थानों पर हाइवे पर भूस्खलन से जम्मू श्रीनगर नेशनल हाइवे दोपहर बाद बंद हो गया। इससे 1500 से ज्यादा वाहन बीच रास्ते में ही रोक दिए गए।
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बर्फबारी
- फोटो : अमर उजाला
यातायात पुलिस के प्रवक्ता के अनुसार शनिवार को भी किसी भी वाहन को जम्मू से श्रीनगर व श्रीनगर से जम्मू की ओर जाने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि, अगर हाइवे खुला तो फंसे हुए वाहनों को पहले गंतव्य की ओर रवाना किया जाएगा।
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बर्फबारी
- फोटो : बासित जरगर
ताजा बर्फबारी और बारिश से प्रदेश के अधिकतर जिलों में तापमान में गिरावट दर्ज हुई है। कश्मीर संभाग के सभी जिलों में न्यूनतम तापमान माइनस में चला गया है। श्रीनगर में न्यूनतम तापमान माइनस 2.6, पहलगाम में माइनस 4.1 और गुलमर्ग में माइनस 6.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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बर्फबारी
- फोटो : बासित जरगर
जम्मू संभाग के जम्मू जिले में न्यूनतम तापमान 8.2 डिग्री सेल्सियस और बनिहाल में न्यूनतम तापमान माइनस 1.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। भद्रवाह में न्यूनतम तापमान 1.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार शनिवार को भी प्रदेश के कई इलाकों में बर्फबारी और बारिश के आसार हैं।
चिल्ले कलां आज से, अभी और बढ़ेगी सर्दी
जम्मू-कश्मीर में चिल्ले कलां शानिवार (21 दिसंबर) से शुरू होगा। यह 40 दिन चलेगा। इस दौरान सर्दी बढ़ने से पानी के स्रोत भी जम जाते हैं। हालांकि, प्रशासन ने इसके मद्देनजर खाद्यान्न समेत अन्य जरूरी सामग्री का भरपूर भंडारण कर लिया गया है। कश्मीर में भीषण सर्दी 21 दिसंबर से शुरू होकर 31 जनवरी तक रहती है। इसे ही चिल्ले कलां कहा जाता है। इस दौरान पारा माइनस में ही रहता है। डल झील के साथ-साथ पानी की पाइपों में बर्फ जम जाती है। चिल्ले कलां के दौरान सर्दी से बचाव के लिए स्थानीय लोग खाद्यान्न के साथ कोयला, कांगड़ी और बुखारी के लिए लकड़ी आदि पहले से ही जमा कर लेते हैं।