अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी के हुर्रियत से अलग होने पर पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने अलगावादियों पर पूर्व सरकारों की मेहरबानी को बयां किया। वैद ने लिखा कि 23 मार्च 1999 को मैं डीआईजी बारामुला रहते आतंकी हमले में बुरी तरह से घायल हो गया था। मुझे और मेरे परिवार को दिल्ली में इलाज के लिए अपने स्तर पर व्यवस्थाएं करनी पड़ीं, लेकिन देश विरोधी गिलानी को निजी उपचार के लिए सरकारी विमान में मुंबई ले जाया गया। क्या ये सही था ?