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कश्मीर में जबरन धर्मपरिवर्तन का मामला: सिरसा ने कहा- गृहमंत्री ने सिख बेटियों की वापसी का दिया आश्वासन

Mon, 28 Jun 2021 01:47 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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शिरोमणि अकाली दल के नेता मनजिंदर सिंह सिरसा, प्रदर्शन करते लोग - फोटो : अमर उजाला
कश्मीर संभाग में दो सिख लड़कियों के कथित तौर पर अपहरण और जबरन धर्मपरिवर्तन मामले पर शिरोमणि अकाली दल के नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह ने हमें घाटी में अल्पसंख्यक सिख लड़कियों की सुरक्षा और वापसी का आश्वासन दिया है। उन्होंने अल्पसंख्यकों की चिंताओं पर चर्चा करने के लिए जल्द ही जम्मू-कश्मीर सिख प्रतिनिधिमंडल से मिलने का समय दिया है।

बता दें कि कश्मीर से दो सिख लड़कियों का कथित तौर पर अपहरण कर लिया गया है। इसके साथ ही जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया है। इनमें से एक लड़की की शादी मुस्लिम लड़के से कर दी गई थी जो अभी लापता है। 26 जून को जम्मू-कश्मीर से जबरन धर्म परिवर्तन का मामला सामने आया था।



जानकारी के अनुसार, बडगाम जिले की एक 18 वर्षीय सिख लड़की को बहला-फुसलाकर जबरन इस्लाम में परिवर्तित कर दिया गया। शिरोमणि अकाली दल के नेता मनजिंदर सिंह सिरसा और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने इस मुद्दे को उठाया है और जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। वहीं एक अन्य मामला श्रीनगर के महजूर नगर की एक लड़की का है जो अपने मुस्लिम दोस्त के कार्यक्रम में शामिल हुई थी। सूत्रों के अनुसार, उसकी शादी समारोह में शामिल एक लड़के से हुई थी।
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जम्मू-कश्मीर में प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
मुस्लिम परिवार को लड़की सौंपने का मामला
पूरी घटना बताने वाले गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी-बडगाम के अध्यक्ष सरदार संतपाल सिंह के मुताबिक बच्ची मानसिक रूप से विक्षिप्त थी। एक मुस्लिम युवक ने उसे प्यार और शादी का झांसा देकर उसका धर्म परिवर्तन कराया। उन्होंने कहा, 'सिख समुदाय की एक लड़की का जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया है। वह मानसिक रूप से स्थिर नहीं है। युवक ने उसे प्यार का झांसा दिया। यह कोई लव अफेयर नहीं बल्कि लव जिहाद का साफ मामला है। सरकार हमारे खिलाफ नकारात्मक काम कर रही है।
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जम्मू-कश्मीर में प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने आगे कहा कि मामले को देख रहे एसपी के लिखित आश्वासन के बावजूद कि उन्हें सिख परिवार को वापस सौंप दिया जाएगा, अदालत के आदेश उनके खिलाफ आए। उन्होंने कहा, 'पुलिस निरीक्षक ने लिखित में आश्वासन दिया था कि लड़की को कोर्ट में पेश करने के बाद उन्हें सौंप दिया जाएगा। हालांकि जज ने मुस्लिम व्यक्ति के पक्ष में फैसला सुनाया और लड़की को उसे सौंप दिया।

 

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जम्मू-कश्मीर में प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
लड़की के परिवार को कोर्ट में नहीं जाने दिया गया
संतपाल सिंह ने आगे कहा कि लड़की के माता-पिता और रिश्तेदार कोर्ट के बाहर बैठे थे क्योंकि उन्हें कोविड नियमों के कारण अंदर नहीं जाने दिया गया था। उन्होंने कहा, 'पुलिस ने कोर्ट में भीड़ से बचने के लिए लड़की के परिवार वालों को बाहर बैठने को कहा। हालांकि, मुस्लिम व्यक्ति के सभी रिश्तेदारों को अदालत में अनुमति दी गई थी।

 
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Manjinder Singh Sirsa - फोटो : Social Media
संतपाल सिंह ने आगे कहा कि न्यायाधीश ने लड़की के परिवार के सदस्यों की अनुपस्थिति में उसका बयान दर्ज किया और मुस्लिम व्यक्ति के रिश्तेदारों के बयानों पर ध्यान दिया। कार्यवाही के दौरान लड़की के परिवार से किसी को भी कोर्ट में नहीं बुलाया गया।
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