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Farooq Abdullah Attack: असंभव कैसे हो गया संभव? जेड+ सुरक्षा के अभेद्य घेरे में डॉ. फारूक तक पहुंच गया हमलावर

Fri, 13 Mar 2026 12:26 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक के मामले में असंभव कैसे संभव हो गया? हमलावर जेड+ सुरक्षा के अभेद्य घेरे में फारूक अब्दुल्ला तक पहुंच गया। जानलेवा हमले के वाद अब सबसे बड़ा सवाल वीवीआईपी सुरक्षा में हुई भारी चूक पर खड़ा हो गया है।
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Farooq Abdullah Attack - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
देश की सर्वोच्च जेड प्लस सुरक्षा को भेदना आम तौर पर असंभव माना जाता है लेकिन जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक के मामले में यह असंभव, बेहद आसानी से संभव हो गया। हमलावर बिना किसी रोक-टोक के उनके पास पहुंच गया। यह वीआईपी सुरक्षा में बड़ी सेंध है।

ऐसे लगता कि सुरक्षा के लिए बनी ब्लू बुक के नियमों को ताक पर रख दिया गया। डॉ. फारूक का शादी समारोह में शामिल होने का कार्यक्रम बुधवार सुबह ही बना था। उनके आने से पहले समारोह स्थल को सैनिटाइज नहीं किया गया था। 
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डॉ. फारूक अब्दुल्लाह पर फायरिंग - फोटो : वीडियो ग्रैब
नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं ने प्रशासन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया है। उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने कहा कि घटना के वक्त मौके पर स्थानीय पुलिस नहीं थी। हमलावर का प्रयास विफल करने के बाद उसे खुद नेकां नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पकड़ा और गाड़ी में गंग्याल थाने लेकर पहुंचे। 
 
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शादी समारोह में पहुंचे लोग - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मुख्य प्रवेश द्वार पर लगाए गए थे मेटल डिटेक्टर
समारोह स्थल पर जिला पुलिस के सिक्योरिटी विंग के जवान तैनात किए गए थे। मुख्य प्रवेश द्वार पर मेटल डिटेक्टर लगाए गए थे लेकिन समारोह स्थल चारों तरफ से खुला होने के कारण कोई कहीं से भी अंदर पहुंच सकता था जिसे अब सुरक्षा में लापरवाही बताया जा रहा है।

 

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आरोपी कमल को पकड़कर पुलिस के हवाले किया - फोटो : वीडियो ग्रैब
वहीं प्रशासन ने दावा किया है कि पूरे प्रोटोकॉल के साथ पूर्व मुख्यमंत्री समारोह स्थल पर पहुंचे थे। इसका एक सीसीटीवी फुटेज जारी की है जिसमें वह भारी-भरकम सुरक्षा काफिले समारोह स्थल पर पहुंचे हैं।
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डॉ. फारूक अब्दुल्लाह पर फायरिंग - फोटो : वीडियो ग्रैब
आरोपी के संपर्कों की तलाश में जुटी पुलिस
डॉ. फारूक पर हमले के 63 वर्षीय आरोपी कमल सिंह जम्वाल को कड़ी सुरक्षा के बीच वीरवार को जम्मू के गंग्याल थाने की पुलिस ने जिला अदालत में पेश किया। यहां पुलिस और आरोपी के पक्षकारों की दलीलें सुनी गईं। पुलिस ने अदालत से आरोपी की हिरासत की मांग करते हुए कहा कि इस हमले के पीछे की असल वजह का पता लगाना जरूरी है। 
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डॉ. फारूक अब्दुल्लाह पर फायरिंग - फोटो : वीडियो ग्रैब
आरोपी के तार किसी संगठन या किसी आपराधिक व्यक्ति से तो नहीं हैं इसकी जांच की जानी है। इसके बाद अदालत ने आरोपी को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। साथ ही कहा कि आरोपी की हर 24 घंटे में उचित चिकित्सा जांच सुनिश्चित की जाए। 
 
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डॉ. फारूक अब्दुल्लाह पर फायरिंग - फोटो : वीडियो ग्रैब
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाला
वीरवार को गंग्याल पुलिस एजेंसियों ने घटनास्थल पर सुरक्षा को जांचा। सीसीटीवी फुटेज खंगाला। आरोपी कहां से घुसा यह पुलिस के लिए पहली बनी हुई है क्योंकि अभी आयोजन स्थल में पहुंचने की उसकी फुटेज नहीं दिखी है। प्रशासन ने सुरक्षा में हुई इस सेंधमारी की सच्चाई सामने लाने और लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई करने की बात कही है। आला पुलिस अधिकारी अभी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।
 

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गेट पर चेकिंग करता सुरक्षाकर्मी - फोटो : वीडियो ग्रैब
प्रवेश द्वार पर लगा था मेटल डिटेक्टर
पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला पर हुए जानलेवा हमले के वाद अब सबसे बड़ा सवाल वीवीआईपी सुरक्षा में हुई भारी चूक पर खड़ा हो गया है। एक हाई-प्रोफाइल शादी समारोह में जहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम होने चाहिए थे वहां एक व्यक्ति हथियार लेकर कैसे दाखिल हो गया। आयोजन स्थल के प्रवेश पर मेटल डिटेक्टर होने के बावजूद हथियार के साथ आरोपी कैसे अंदर पहुंचा। इस सवाल का जवाब तलाशने के लिए सुरक्षा एजेंसियां समारोह स्थल की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। 

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आरोपी कमल सिंह पुलिस हिरासत में - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सीसीटीवी फुटेज की दोबारा जांच की लेकिन आरोपी ने आयोजन स्थल में प्रवेश कहा से किया वो किसी फुटेज में नहीं दिखा है। घटना के बाद प्रशासन और पुलिस का फोकस इसी बात पर है कि आरोपी कमल सिंह जम्वाल लोडेड हथियार के साथ अंदर घुसने में सफल कैसे हुआ जबकि पूर्व सीएम के आगमन पर वहां मेटल डिटेक्टर लगाया गया था।

 

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हमले के बाद मीडिया के सामने फारूक अब्दुल्लाह - फोटो : पीटीआई
डॉ. फारूक पर फायरिंग कर जान लेने की कोशिश, बाल-बाल बचे
नेशनल कॉन्फ्रेंस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सीएम डॉ. फारूक अब्दुल्ला पर बुधवार रात करीब साढ़े दस बजे कनपटी से सटाकर पिस्टल से फायरिंग कर उनकी जान लेने की कोशिश की गई। एनएसजी कमांडो से अगर चंद सेकंड की भी देरी होती तो कुछ भी हो सकता था। 

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आरोपी कमल सिंह पुलिस हिरासत में - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हमला उस वक्त हुआ जब वे जम्मू के ग्रेटर कैलाश स्थित रॉयल पार्क में एक शादी समारोह में शिरकत करने के बाद उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी के साथ वापस लौट रहे थे। पुरानी मंडी निवासी हमलावर कमल सिंह जम्वाल को मौके पर ही दबोच लिया गया।

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डॉ. फारूक अब्दुल्लाह के आवास की सुरक्षा बढ़ी - फोटो : पीटीआई
डॉ. फारूक अब्दुल्ला और डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित एक वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। समारोह में शिरकत करने के बाद दोनों नेता बाहर निकलकर अपनी गाड़ियों की तरफ जा रहे थे। 

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डॉ. फारूक अब्दुल्लाह के आवास की सुरक्षा बढ़ी - फोटो : पीटीआई
इसी दौरान कड़ी सुरक्षा के बीच हमलावर डॉ. फारूक के बेहद करीब पहुंच गया। करीब पहुंचते ही उसने अपनी लाइसेंसी पिस्टल निकाल ली। वह डॉ. फारूक की कनपटी से सटाकर गोली दागने ही वाला था कि एनएसजी कमांडो ने आरोपी को जोरदार धक्का दिया जिससे वह लड़खड़ाकर गिरा और उसका निशाना चूक गया।
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हमले के बाद मीडिया के सामने फारूक अब्दुल्लाह - फोटो : पीटीआई
अचानक हुई फायरिंग से शादी समारोह में चीख-पुकार मच गई। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। मौके पर मौजूद दोनों नेताओं के मुस्तैद सुरक्षाकर्मियों ने हमलावर को दबोच लिया। आरोपी कमल सिंह के पकड़े जाने के बाद उसे स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने उसके खिलाफ हत्या के प्रयास सहित कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। घटना के बाद जम्मू में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
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