पूर्व मुख्यमंत्री डा.फारूक अब्दुल्ला मंगलवार को माता के रंग में पूरी तरह रंगे नजर आए। मौका था डोगरा फ्रंट और शिवसेना की छड़ी यात्रा का। उन्होंने अखंड ज्योति पालकी को उठाकर न केवल मिसाल पेश की बल्कि मां के जयकारे भी लगाए। मां के भजन गाने के साथ ही थिरके भी।
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माता के गीतों पर जमकर नाचे फारूक अब्दुल्ला
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स्टेडियम में उन्होंने माता शेरावाली की जय का कई बार उद्घोष किया। इसके साथ ही माता की भेंट बंद कराकर स्वयं ही माता का बुलावा है.. गीत प्रस्तुत किए। माता की चुनरी ओढे़ डा. अब्दुल्ला माता के गीतों पर थिरकते भी नजर आए।
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माता के गीतों पर जमकर नाचे फारूक अब्दुल्ला
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जनता से मुखातिब होने से पहले उन्होंने ईश्वर अल्लाह तेरो नाम सबको सन्मति दे भगवान भजन की प्रस्तुति की। बैंड बाजे की धुन पर जब अखंड ज्योति को मंच पर लाया जा रहा था तभी वे मंच से उतरे और बीच मैदान पहुंच गए। उन्होंने अखंड ज्योति पालकी को अन्य भक्तों के साथ उठाकर मंच तक पहुंचाया। फारूक लगातार माता के जयकारे लगा रहे थे।
माता के गीतों पर जमकर नाचे फारूक अब्दुल्ला
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छड़ी यात्रा के दौरान मंगलवार को पीओके में नागरिकों पर हो रहे अत्याचार, आपसी सद्भाव और भाईचारे तथा गो माता की रक्षा का भी मुद्दा उठा। पूर्व मुख्यमंत्री डा. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि सबका मालिक एक है। भगवान, अल्लाह, वाहे गुरु सब एक हैं। जिस दिन यह समझ जाएंगे उस दिन कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
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माता के गीतों पर जमकर नाचे फारूक अब्दुल्ला
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उन्होंने कहा कि दुश्मन मुल्क हमें देख रहा है। यदि उसे हराना है तो भाईचारे को कायम रखना होगा। यदि भाईचारा रहा तो दुनिया की कोई ताकत हरा नहीं सकती। उन्होंने कहा कि सभी को एक दूसरे के धर्म की इज्जत करनी चाहिए।
कोई ऐसा काम नहीं करना चाहिए जिससे दूसरे की भावना को ठेस पहुंचे। कहा कि गो माता का आदर सबको करना चाहिए। मुसलमान होकर भी मैं यह समझ सकता हूं। कई बार जन्म देने वाली मां के थन में दूध नहीं होता तो गो माता ही जीवन देती है।