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18 फरवरी 2019: छुट्टी रद्द कराकर इस ब्रिगेडियर ने संभाला मोर्चा, मेजर सहित शहीद हुए थे चार जवान

Tue, 18 Feb 2020 12:52 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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शहीद जवान - फोटो : अमर उजाला
घटना बीते साल की है। सोमवार का दिन था। दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले में सुरक्षाबलों को इलाके में आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली। जवानों ने मोर्चा संभाला। सुरक्षाबलों के कमांडर जवानों का नेतृत्व कर रहे थे। जवानों ने चारों ओर से आतंकियों को घेर लिया। खुद को घिरा देख आतंकियों ने जवानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। बावजूद इसके जवानों ने आतंकियों से समर्पण करने की बात कही। लेकिन आतंकियों की ओर गोलियां आती रहीं। इसके बाद जवानों ने जवाबी कार्रवाई शुरू की।
 
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शहीद जवान - फोटो : अमर उजाला
सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ के दौरान जैश के तीन आतंकियों को ढेर किया गया था जिनमें दो विदेशी मूल के थे। जबकि इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा था। इस मुठभेड़ के दौरान सेना के एक मेजर सहित चार जवान शहीद हुए थे। जम्मू कश्मीर पुलिस का एक हेड कांस्टेबल भी शहीद हुआ था। वहीं इस मुठभेड़ में सेना के ब्रिगेडियर और जम्मू कश्मीर पुलिस के डीआईजी सहित कुछ अन्य अधिकारी और जवान घायल हुए थे। इस घटना को लेकर 15 कोर के जीओसी ने कहा कि यह साबित करता है कि सुरक्षाबलों के कमांडर सामने से जवानों को लीड कर रहे थे।

 
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शहीद जवान - फोटो : अमर उजाला
इस घटना के बाद सेना की 15वीं कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लों ने कहा कि सुरक्षाबलों के आला अधिकारियों के घायल होने के पीछे भी कई कारण हैं। उन्होंने कहा कि एक कारण यह भी है कि हम नहीं चाहते थे वहां किसी भी प्रकार का कोई नुकसान किसी स्थानीय को हो। ढिल्लों ने बताया कि जो एक स्थानीय इस मुठभेड़ के दौरान मारा गया वो मुठभेड़ की शुरुआत में आतंकियों द्वारा की गई फायरिंग से मारा गया। उन्होंने बताया कि 17 घंटे से अधिक चले इस ऑपरेशन में उनकी ओर से कोई भी स्थानीय न तो घायल हुआ न मारा गया और जो भी खतरा था वो हमने अपने ऊपर ले लिया था।
 

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शहीद जवान - फोटो : अमर उजाला
मुठभेड़ के बाद उन्होंने बताया सेना की 12 सेक्टर के ब्रिगेडियर हरबीर सिंह छुट्टी पर थे और जब उन्हें इसकी जानकारी मिली कि ऑपरेशन शुरू हो गया है तो उन्होंने अपनी छुट्टी स्वयं रद्द करते हुए यूनिट जॉइन की और सीधा मुठभेड़ स्थल पर पहुंचे। अपने जवानों का इस ऑपरेशन में सामने से नेतृत्व किया।

 
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शहीद जवान - फोटो : अमर उजाला
ढिल्लों ने कहा कि ब्रिगेडियर हरबीर सिंह, डीआईजी अमित कुमार सहित अन्य अधिकारियों के घायल होने से यह साफ होता है कि हमारे कमांडर सामने से जवानों का नेतृत्व कर रहे थे और यही कारण था किसी भी स्थानीय नागरिक को नुकसान नहीं हुआ। गौरतलब है कि इस मुठभेड़ के दौरान सेना के मेजर वीएस ढोंडीयाल, हवलदार शेओ राम, सिपाही हरी सिंह और अजय कुमार के साथ जम्मू कश्मीर पुलिस के हेड कांस्टेबल अब्दुल रशीद ने शहादत प्राप्त की थी।
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