डीजीपी जेल हेमंत कुमार लोहिया की हत्या के बाद मंगलवार सुबह उदयवाला में जब लोग जगे, तो उन्होंने चारों तरफ पुलिस ही पुलिस देखी। कुछ पता चलता, इससे पहले वीआईपी मूवमेंट ने धड़कन और तेज कर दी। लोगों को वारदात का पता चला, तो उनके मुंह से यही शब्द निकला... क्या, डीजीपी जेल की हत्या...यह कैसे? यह बात किसी के गले नहीं उतर रही थी। दिन चढ़ने के साथ यह खबर शहर भर में फैल गई। चौक-चौराहों और दुकानों से लेकर गली-कूचे में इसकी चर्चा होती रही। कुछ लोग इस बात से चिंतित दिखे कि जब डीजीपी जेल की हत्या हो सकती है, तो आम लोग कितने सुरक्षित हैं। मामले पर मुट्ठी के पूर्व सरपंच राजरूप सिंह ने कहा कि यह सोची-समझी साजिश हो सकती है। इसकी गहनता से जांच होनी चाहिए। वार्ड-61 के पार्षद मोहिंद्र भगत ने कहा कि मंगलवार सुबह ही इसकी जानकारी हुई। घटनास्थल पर पहुंचे तो देखा कि बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है।
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आरोपी नौकर और डीजीपी जेल हेमंत कुमार लोहिया(फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
लोगों की आवाजाही भी बंद कर दी गई थी। उदयवाला से मढ़ जाने वाला मुख्य मार्ग भी कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया था।
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मौके पर जमा पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
मंगलवार को खुद डीजीपी दिलबाग सिंह, मुख्य सचिव अरुण कुमार मेहता के साथ पूर्व डीजीपी एसपी वैद और कुलदीप हुड्डा के साथ अन्य उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे थे। उदयवाला के पूर्व पंच विजय कलोत्रा ने कहा कि घटना के बाद से परिवार में डर का माहौल है। पूरी रात जाग कर ही काटी।
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फाइल फोटो
- फोटो : संवाद
लोहिया की सेवाओं को याद रखेंगे, उनकी मौत बड़ी क्षति: दिलबाग
डीजीपी दिलबाग सिंह और एडीजीपी जम्मू मुकेश सिंह ने जेल विभाग के डीजीपी हेमंत लोहिया की मौत को पुलिस महकमे के लिए बड़ा नुकसान बताया है। उन्होंने कहा कि बहुत प्रिय सहयोगी थे और विभिन्न संगठनों में उनकी सेवाओं और योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। विभाग और वह इस भारी नुकसान से बहुत दुखी हैं।
डीजीपी जेल हेमंत कुमार लोहिया(फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
वुशु को बढ़ावा देने के लिए उठाए कदमों को याद किया
जम्मू-कश्मीर वुशु एसोसिएशन ने पूर्व अध्यक्ष व दिवंगत डीजी जेल एचके लोहिया की याद में दो मिनट का मौन रखा। एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय सराफ ने एचके लोहिया के एसोसिएशन के अध्यक्ष रहते हुए कार्यों को याद किया। इस दौरान एसोसिएशन के उपाध्यक्ष रंजीत कलरा एचके लोहिया द्वारा वुशु खेल को बढ़ावा देने के लिए उठाए कदमों को याद किया। द्रोणाचार्य अवार्डी कुलदीप हाडू व एसोसिएशन के अन्य सदस्यों ने दिवंगत परिवार के प्रति संवेदना जताई।