कोविड टेस्ट में अक्सर कोरोना संक्रमित पाए जाने पर लोग तनाव में चले जाते हैं। इससे इम्यूनिटी भी कमजोर होती है। कोरेेना को हराने के लिए कोरोना संक्रमित पाए जाने पर संयम बनाए रखते हुए होम आइसोलेशन में चले जाना चाहिए। अस्पताल के बजाए होम आइसोलेशन में रहने से मरीज का आत्म विश्वास बढ़ता है।
डॉक्टर(आयुर्वेदिक) अशोक शर्मा, जम्मू का कहना है कि अगर संक्रमित मरीजों में लक्षण हल्के हैं तो वह नियमित तौर पर व्यायाम के अलावा योग के विभिन्न आसन कर सकते हैं। इससे उन्हें रिकवर होने में मदद मिलेगी। ताजे फलों के साथ-साथ संतुलित आहार लेना भी बहुत जरूरी है। हालांकि, होम आइसोलेशन में परिवार के अन्य सदस्यों के संपर्क में नहीं आना चाहिए और कोविड प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करना चाहिए। होम आइसोलेशन में सेहत बिगड़ने खासतौर से सांस की तकलीफ होने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह पर अस्पताल में भर्ती हो जाना चाहिए।