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पहलगाम आतंकी हमला: आतंकियों के पनाहगारों का नहीं होगा पॉलीग्राफ-नार्को टेस्ट, अदालत ने किया इनकार

Fri, 12 Sep 2025 12:48 PM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

एनआईए की याचिका पर पहलगाम हमले के आरोपियों के पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट कराने से अदालत ने इनकार कर दिया, क्योंकि ये परीक्षण आत्म-दोषसिद्धि के अधिकार का उल्लंघन कर सकते हैं। दोनों आरोपियों ने भी खुली अदालत में इन परीक्षणों से मना किया है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
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विस्तार
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पहलगाम हमले के आतंकियों के पनाहगारों का अदालत ने पॉलीग्राफ एवं नार्को टेस्ट कराने से इन्कार कर दिया है। एनआईए की विशेष अदालत ने एनआईए की टेस्ट कराने की याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने कहा है कि ये वैज्ञानिक तकनीकें आत्म-दोषसिद्धि के अधिकार का उल्लंघन करेंगी।

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एनआईए ने अदालत को सूचित किया था कि आरोपियों ने अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए दोनों परीक्षणों के लिए अपनी सहमति दे दी है। हालांकि समन किए गए बशीर अहमद और परवेज अहमद ने एनआईए के दावे का खंडन किया।

अदालत ने कहा कि ऐसे वैज्ञानिक परीक्षणों के लिए अभियुक्तों की सहमति एक न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज की जानी चाहिए और झूठ पकड़ने वाले परीक्षण की वास्तविक रिकॉर्डिंग एक स्वतंत्र एजेंसी जैसे अस्पताल द्वारा वकीलों के समक्ष की जानी चाहिए।

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इन दोनों को 26 जून को आतंकवादियों को पनाह देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। वीरवार को मामले पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा कि दोनों आरोपियों को पेश किया गया। दोनों आरोपियों ने खुली अदालत में कहा है कि वे पॉलीग्राफ या नार्को टेस्ट कराने के इच्छुक नहीं हैं।

ये आदेश 29 अगस्त का है। जिसका विवरण अभी सामने आया है।उप-कानूनी सहायता बचाव पक्ष के वकील ने एनआईए के इस दावे का भी खंडन किया कि दोनों ने स्वेच्छा से परीक्षणों के लिए सहमति दी थी। एनआईए की याचिका को खारिज करने की मांग की। क्योंकि कैदियों की हिरासत में मौजूद अभियुक्तों का कोई स्वैच्छिक सहमति बयान एजेंसी द्वारा नहीं लिया गया था।
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जानबूझकर दी पनाह
एनआईए के अनुसार गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों ने पहलगाम शहर के ऊपरी इलाकों में सुरम्य बैसरन घाटी में पर्यटकों को निशाना बनाकर किए गए हमले से पहले हिल पार्क में एक मौसमी ढोक में तीन सशस्त्र आतंकवादियों को जानबूझकर पनाह दी थी।

आतंकियों को भोजन, आश्रय और रसद सहायता प्रदान की थी। जिन्होंने 22 अप्रैल की दोपहर पर्यटकों की धार्मिक पहचान के आधार पर चुन-चुनकर मार डाला। यह अब तक के सबसे भीषण आतंकी हमलों में से एक बन गया
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