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जमील के जमीर को सलाम: मौतों के उस खौफनाक मंजर में मसीहा बनकर आता था ये इंसान

Tue, 23 Mar 2021 04:40 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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एंबुलेंस चालक जमील अहमद डिगू, फाइल फोटो - फोटो : बासित जरगर
कोरोना काल में एक समय वह भी आया, जब परिवार ने संक्रमित मरीज का शव स्वीकार करने से मना कर दिया या फिर परिवार के अन्य लोगों के क्वारंटीन होने से शव को दफनाने वाला कोई नहीं था। लोग भी डर के मारे जनाजे में नहीं पहुंचते थे। इस विकट घड़ी में श्रीनगर के एंबुलेंस चालक जमील अहमद डिगू मानवता की मिसाल बने। उन्होंने न सिर्फ शवों को कब्रिस्तान तक पहुंचाया बल्कि दफन करने के साथ नमाज-ए-जनाजा भी पढ़ा, जबकि उनकी ड्यूटी सिर्फ शव को कब्रिस्तान पहुंचाने की ही थी। पिछले साल करीब चार से पांच माह तक वह अपनी जान की परवाह किए बिना सेवा में जुटे रहे। श्रीनगर जिले में अभी तक कोरोना से जितनी भी मौतें हुई हैं, सभी को अस्पताल से कब्रिस्तान ले जाने और दफनाने का काम जमील ने ही किया है।  
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एंबुलेंस चालक जमील अहमद डिगू - फोटो : अमर उजाला, फाइल फोटो
स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत जमील कहते हैं, जब श्रीनगर में पहली मौत कोविड से हुई तो उस समय हालात ऐसे थे कि सब डरते थे। रैनावारी की 73 वर्षीय बुजुर्ग महिला को दफनाने के लिए हम केवल तीन लोग सामने आए थे। दो मोहल्ले वाले और तीसरा मैं, क्योंकि महिला के सभी परिवार वालों को क्वारंटीन कर दिया गया था। डर ऐेसा कि दफनाने के लिए मोहल्ले वाले भी नहीं पहुंचे। 
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एंबुलेंस चालक जमील अहमद डिगू - फोटो : अमर उजाला, फाइल फोटो
घर वालों का भी विरोध झेलना पड़ा
जमील ने बताया कि शुरू में जब उन्होंने शवों को लेकर जाना शुरू किया तो उनके घर वालों ने भी इस पर एतराज जताया, लेकिन उन्होंने मानवता की सेवा के लिए अपना प्रयास जारी रखा।  

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एंबुलेंस चालक जमील अहमद डिगू - फोटो : अमर उजाला, फाइल फोटो
वेबसाइट बनाकर प्लाज्मा की जरूरत को किया पूरा
पिछले साल मार्च में लॉकडाउन लागू हुआ तो घाटी के दो युवा जसविंदर सिंह और विधुर टिकू भी संक्रमितों की सेवा में जुटे रहे। मरीजों के लिए प्लाज्मा की जरूरत को ध्यान में रखते हुए उन्होंने एक वेबसाइट तैयार की।
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एंबुलेंस चालक जमील अहमद डिगू - फोटो : अमर उजाला, फाइल फोटो
जिस पर प्लाज्मा डोनर ने अपना पंजीकरण करवाया। इसका काफी लाभ मरीजों को मिला। प्लाज्मा थैरेपी से भी कई जानें बचीं। जसविंदर सिंह और विधुर दोनों आईटी कंपनियों में काम करते हैं और लॉकडाउन के दौरान दोनों घर से काम कर रहे थे।
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