कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ने और प्रमुख अस्पतालों को कोविड अस्पताल घोषित किए जाने के बाद से जम्मू सहित संभाग के अन्य अस्पताल में तय क्षमता से करीब दस फीसदी ही सर्जरी हो पाई हैं। आपात स्थिति में ही सर्जरी हो रही हैं। अस्पताल सूत्रों के अनुसार संभाग के सबसे बड़े टर्शरी अस्पताल जीएमसी जम्मू में अलग-अलग सर्जरी यूनिट जिसमें हेड, आर्थों आदि यूनिट की तरफ से प्रतिदिन दस से बीस के बीच रूटीन की सर्जरी जिसमें पथरी, एपेंडिक्स, हड्डी से जुड़ी सर्जरी आदि होती थी। इसी तरह सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में एंजियोग्राफी प्रति दिन करीब दस से 15 मरीजों की होती थी। गांधीनगर अस्पताल में भी रूटीन में करीब दस मरीजों की सर्जरी होती थी। जिला स्तर के अस्पतालों में भी रूटीन में पांच से दस सर्जरी हो जाती थी। कोरोना संक्रमण ने जेलों में भी दस्तक दे दी है। उधमपुर और कुपवाड़ा की जेलों में जेल प्रबंधन ने जब कैदियों का कोरोना टेस्ट कराया तो इनमें से 92 कैदी कोरोना संक्रमित पाए गए। पुराने आंकड़ों में इन्हें जोड़ दिया जाए तो प्रदेश भर की जेलों में 4570 कैदी बंद हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
कोरोना काल में अस्पतालों में संक्रमण अन्य मरीजों को न हो इसके लिए रूटीन की सर्जरी पर रोक लगाकर केवल जरूरी सर्जरी की जा रही है।
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जीएमसी जम्मू
- फोटो : अमर उजाला
जीएमसी अस्पताल के सर्जरी यूनिट के डॉक्टरों ने बताया कि कोविड से पहले की बात करें तो अब केवल दस फीसदी सर्जरी जो बहुत ही जरूरी हो वह हो रही हैं।
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गांधी नगर अस्पताल
- फोटो : अमर उजाला
रूटीन की सर्जरी पांच मई से बंद की हुई हैं। अब जैसे किसी को दुर्घटना में हेड सर्जरी हो गई या फिर पेट में अल्सर फट गया आदि आपात स्थिति में ही सर्जरी हो रही हैं।
वहीं जीएमसी अस्पताल के सर्जरी यूनिट के सीनियर डॉ. रतनाकर शर्मा के अनुसार उनके यूनिट की तरफ से प्रतिदिन करीब दस रूटीन की सर्जरी होती थी। ऐसे मरीजों को अब सलाह दी गई है कि वह सादा भोजन खाएं। आवश्यकता पड़ने पर सर्जरी पर कोई रोक नहीं है और वह प्रतिदिन की जा रही है।.