कोरोना संक्रमण के बीच जिले में मौतों का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। कोरोना के कारण या फिर अन्य कारणों से हुई मौतों पर अप्रैल में सर्वाधिक 2200 मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं। वहीं, मई के पहले पांच दिन में ही 600 डेथ सर्टिफिकेट नगर निगम ने जारी किए। बताया जा रहा है। छह मई से तकनीकी कारणों से जन्म मृत्यु विंग के क्लेरिकल कार्यालय को बंद करना पड़ा। अब कार्यालय खुलने के बाद ही लोगों को प्रमाणपत्र जारी हो पाएंगे। हालांकि नगर निगम का दावा है कि मौतों कैसे हुई है, इस बारे में जानकारी नहीं, लेकिन पेंडिंग मामलों में भी प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं। मार्च की बात करें तो सिर्फ 900 लोगों ने अपने दिवंगतों के मृत्यु प्रमाणपत्र प्राप्त किए हैं। फरवरी में यह आंकड़ा सात सौ के आसपास रहा है। प्रदेश में अब तक 74 लाख 18 हजार 169 कोरोना टेस्ट किए जा चुके हैं। इसमें 1 लाख 52 हजार 109 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं। वहीं 37302 मरीजों का इलाज चल रहा है।
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corona cases of jammu kashmir
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आंकड़ों के अनुसार रोजाना 60 से 70 मौतें हो रहीं
सूत्रों के अनुसार कोरोना संक्रमण के कारण मौतों का ग्राफ बढ़ा है। उक्त आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में हर रोज साठ से सत्तर के बीच लोग मर रहे हैं। जीएमसी में मरने वालों का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। जीमएसी में मौत के बाद लिखित जानकारी नगर निगम के पास आती है। इसके बाद मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होता है।
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Corona infection in Jammu and Kashmir
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वर्ष 2021 में चार महीनों जारी प्रमाण पत्र
फरवरी 700
मार्च 900
अप्रैल 2200
मई 600 पांच तारीख तक
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2020 में तीन महीनों में जारी प्रमाण पत्र
मार्च 67
अप्रैल 130
मई 225
कोरोना संक्रमण के चलते अब विंग में फिलहाल काम बंद है। मई और अप्रैल के मामलों ने सबको चौका दिया है। मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किए जा रहे हैं। फिलहालत अब विंग बंद चल रही है। अब कार्यालय खुलने के बाद ही लोगों को प्रमाणपत्र जारी किए जाएंगे। अप्रैल में प्रमाणपत्र बनाने के लिए बड़ी संख्या में आनलाइन व ऑफलाइन आवेदन आए। - हरिंद्र सिंह, सीटीओ, नगर निगम