मां वैष्णो के दर पर भी कोरोना के बढ़ते प्रकोप के चलते सन्नाटा पसरने लगा है। कटड़ा की सड़कें सूनी और यात्रा ट्रैक वीरान पड़ा है। बमुश्किल एक हजार श्रद्धालु मां के दर पर पहुंच रहे हैं, जबकि कुछ सप्ताह पूर्व तक औसतन 14 से 15 हजार श्रद्धालु मां के धाम में शीश नवाने पहुंचते थे। होटल खाली पड़े हैं। श्रद्धालुओं की कमी के चलते साढ़े पांच हजार से अधिक घोड़े व पिट्ठू वाले घर लौट गए हैं। अब मात्र 200 से 250 ही बचे हुए हैं जिन्हें यात्रियों का इंतजार रहता है। होटल, रेस्टोरेंट, प्रसाद के कारोबारियों का रोजाना करोड़ों का नुकसान हो रहा है।