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कश्मीर के हालात से जम्मू में कारोबार बेजार, एशिया की सबसे बड़ी मेवा मंडी में सीजन में सन्नाटा

Thu, 28 Nov 2019 04:42 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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मेवा - फोटो : सोशल मीडिया
मेवा (ड्राई फ्रूट्स) कारोबार में एशिया की सबसे बड़ी थोक नरवाल मंडी में इस बार का सीजन नागवार गुजरा है। अगस्त से घाटी में पाबंदियां लगाए जाने से ड्राई फ्रूट्स खासकर अखरोट और अखरोट गिरी का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

 
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मेवा - फोटो : सोशल मीडिया
अखरोट का सीजन सितंबर से शुरू हो जाता है। लेकिन इस बार अखरोट और अखरोट गिरी के औसतन 60 ट्रक माल समय पर नहीं पहुंच पाए। नरवाल मंडी से 600 ट्रक ड्राई फ्रूट्स खाड़ी देशों में भी निर्यात किए जाते हैं।

 
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मेवा - फोटो : सोशल मीडिया
थोक के अलावा ड्राई फ्रूट के खुदरा बाजार पर भी असर पड़ा है। कारोबारियों के अनुसार जम्मू-कश्मीर में पर्यटकों का रुख न करने से इस बार प्रभावित होना पड़ा है। पर्यटन स्थलों के विकसित न होने से भी कारोबार पर असर पड़ रहा है। उनका कहना है कि कारोबार को बनाए रखने के लिए और पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए पर्यटन स्थलों पर सुविधाएं बढ़ानी होंगी। नए पर्यटन स्थल भी विकसित करने होंगे। 

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अखरोट की खेती - फोटो : बासित जरगर
अखरोट, अखरोट गिरी और बादाम पर निर्भर नरवाल की ड्राई फ्रूट मंडी में जम्मू-कश्मीर समेत देश भर से ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी मेवा आता है। खासकर चिली, पाकिस्तान, चीन और कैलिफोर्निया से। वहीं, कई देशों में जम्मू से ड्राई फ्रूट का निर्यात होता है।

 
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मेवा
नरवाल फ्रूट मंडी एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रवीण गुप्ता के अनुसार विदेशों से आयातित ड्राई फ्रूट देखने में अच्छा होता है, लेकिन पोषक तत्वों के लिहाज से जम्मू-कश्मीर के पर्वतीय इलाकों के ड्राई फ्रूट ज्यादा बेहतर होते हैं। इसी वजह से इसकी मांग देश और दुनिया भर से है।
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