रविवार की रात जिस जगह पर चारों ओर खुशियों का माहौल था, देर रात तक परिवार और रिश्तेदारों ने एक साल की तान्या का जन्मदिन धूमधाम से मनाया था। उसी स्थान पर सुबह मातम छाया था।
विज्ञापन
देखते ही देखते मातम में बदल गई जन्मदिन की खुशियां
2 of 15
पाक फायरिंग ने लोगों को अपनी जान बचाने तक का मौका नहीं दिया।
विज्ञापन
देखते ही देखते मातम में बदल गई जन्मदिन की खुशियां
3 of 15
बरामदे में समारोह के लिए बड़े बर्तन बता रहे थे कि रविवार की रात यहां काफी संख्या में लोगों ने भाग लिया था।
देखते ही देखते मातम में बदल गई जन्मदिन की खुशियां
4 of 15
सुबह घर के तमाम लोग अस्पताल में थे। बस घर में कोई था तो वह नन्हीं तान्या, जो अपनी मां की गोद में थी। घर में लोगों का मजमा लगा हुआ था।
विज्ञापन
देखते ही देखते मातम में बदल गई जन्मदिन की खुशियां
5 of 15
हर कोई छत पर जाकर खून से सने बिस्तरों को देख रहा था, जहां पाकिस्तानी गोलाबारी से रामलाल की मौत हो गई और अन्य बुरी तरह जख्मी हो गए। तान्या का पिता किशोर भी अस्पताल में भर्ती है।
विज्ञापन
देखते ही देखते मातम में बदल गई जन्मदिन की खुशियां
6 of 15
किशोर की पत्नी के अनुसार बच्ची के पहले जन्मदिन पर जालो चक स्थित उनके मायके से शुभम, मुकेश और राकेश आए थे।
विज्ञापन
देखते ही देखते मातम में बदल गई जन्मदिन की खुशियां
7 of 15
रात के समय काफी देर तक सभी नाचते रहे। लेकिन बाद में सभी को पाक गोलाबारी ने अपनी चपेट में ले लिया।
देखते ही देखते मातम में बदल गई जन्मदिन की खुशियां
8 of 15
पहले सभी नीचे ही सोए थे। लेकिन रात को बिजली कट लगने के बाद ज्यादातर लोग छत पर सोने चले गए।
देखते ही देखते मातम में बदल गई जन्मदिन की खुशियां
9 of 15
इसी दौरान अचानक गोलाबारी होने से बुजुर्ग रामलाल की मौत हो गई, जबकि अन्य जख्मी हो गए।
देखते ही देखते मातम में बदल गई जन्मदिन की खुशियां
10 of 15
पाकिस्तानी गोलाबारी में अरनिया के वार्ड दो स्थित एसएस किड्स प्ले वे स्कूल भी निशाना बना। जिस क्लास में नन्हे बच्चे बैठकर पढ़ा करते हैं, वहां न सिर्फ तमाम कांच टूट गए, बल्कि छत का प्लास्टर भी नीचे आ गिरा।
देखते ही देखते मातम में बदल गई जन्मदिन की खुशियां
11 of 15
देखते ही देखते मातम में बदल गई जन्मदिन की खुशियां
12 of 15
देखते ही देखते मातम में बदल गई जन्मदिन की खुशियां
13 of 15
देखते ही देखते मातम में बदल गई जन्मदिन की खुशियां