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एक नागरिक की सतर्कता ने घाटी को जलने से बचाया, दुकानों को खाक करने की फिराक में थे आतंकी

Mon, 02 Dec 2019 07:32 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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भारतीय सेना - फोटो : अमर उजाला, फाइल
घाटी के शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ने की भरपूर साजिशें रची जा रही हैं, कुछ शरारती तत्व लगातार ऐसे प्रयास कर रहे हैं। इसी कड़ी में रविवार की रात श्रीनगर के रेजिडेंसी रोड स्थित बाजार में कुछ दुकानों को आग लगाने की कोशिश की गई लेकिन स्थानीय लोगों की सतर्कता के चलते इसे विफल कर दिया गया। शहर में इस तरह की रहस्यमय घटनाओं की कड़ी में यह नई घटना है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इन घटनाओं की जांच चल रही है और इनमें शामिल लोगों के खिलाफ  सख्त कार्रवाई की जाएगी।
 
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भारतीय सेना - फोटो : अमर उजाला
अधिकारियों को अंदेशा है कि शरारती तत्व उन दुकानदारों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं जिन्होंने अनुच्छेद 370 हटाए जाने के विरोध में अघोषित बंद का पालन नहीं किया। रविवार को देर रात रेजिडेंसी रोड स्थित लैंबर्ट लेन बाजार की कुछ दुकानों पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर उन्हें आग के हवाले करने की कोशिश की गई। लेकिन सचेत नागरिकों की सूझबूझ के चलते यह प्रयास विफल रहा।

 
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भारतीय सेना - फोटो : अमर उजाला
उसी इमारत में रहने एक व्यक्ति ने बताया कि रविवार को देर लोगों को बिल्डिंग के आसपास से पेट्रोल की महक आई जिसके बाद वे तुरंत नीचे गए तो देखा कि कुछ दुकानों पर पेट्रोल का छिड़काव किया गया है, लेकिन आसपास कोई मौजूद नहीं था। इसके बाद लोगों ने बाजार एसोसिएशन के सदस्यों को आगाह किया, जिन्होंने पुलिस को मामले की जानकारी दी।

 

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भारतीय सेना - फोटो : बासित जरगर
तीन दिनों में तीसरा मामला
क्षेत्र में रहस्यमयी आग का तीन दिनों में यह तीसरा मामला सामने आया है। इससे पहले शुक्रवार को हरि सिंह स्ट्रीट के गोनी खान इलाके और शनिवार को बुडशाह चौक की अति-सुरक्षित अखाड़ा बिल्डिंग के सामने भी शरारती तत्वों ने इसी तरह की घटना को अंजाम दिया था।

 
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भारतीय सेना - फोटो : बासित जरगर
इस इलाके में दोपहर बाद भी खुलती हैं दुकानें
निशाना बनाई गईं ज्यादातर दुकानें उन क्षेत्रों की हैं जहां व्यापारी दोपहर की तय समयसीमा से ज्यादा देर तक दुकानें खोल रहे थे। अलगाववादी शरारती तत्व ऐसी घटनाओं को घाटी का विशेष दर्जा वापस लिए जाने के विरोध में अंजाम दे रहे हैं। हालांकि इस संदर्भ में पुलिस का मानना है कि आग की सारी घटनाएं शॉर्ट-सर्किट के चलते हुई हैं।

 
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भारतीय सेना - फोटो : फाइल
बंद की अवहेलना पर किया था ग्रेनेड हमला
गौरतलब है कि एक माह पहले आतंकवादियों ने व्यस्त गोनी खान बाजार पर ग्रेनेड हमला किया था। इस हमले में दो लोगों की मौत हो गई थी और 30 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। इससे पहले शहर के पारंपोरा क्षेत्र में एक दुकानदार को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया था, और उत्तरी कश्मीर के सोपोर क्षेत्र में एक ही परिवार के पांच लोगों को गोली मारकर घायल कर दिया गया था। दोनों घटनाओं के दौरान अघोषित बंद  की अवहेलना करने वालों को निशाना बनाया गया था।
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