कारगिल क्षेत्र पर फिर खतरा मंडरा रहा है। यह खतरा किसी दुश्मन से नहीं, कुदरत से है। इस इलाके में पादुम से करीब 90 किलोमीटर दूर फुकटल (सरप) नदी में भू स्खलन से गिरे पहाड़ के हिस्से के कारण करीब 61 मीटर ऊंचा बांध बन गया।
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PIX: कारगिल का यह बांध फटा तो मचेगी भीषण तबाही
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इस बांध के पीछे दस किलोमीटर से भी ज्यादा लंबाई में एक कृत्रिम झील बन गई है। फिलहाल कड़ाके की ठंड में हिमनद बनी यह नदी गर्मी आते ही पिघलकर विकराल रूप ले लेगी।
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पानी के दबाव से बांध के फटने का खतरा है। ऐसा हुआ तो भारी तबाही हो सकती है। कृत्रिम झील के निचले इलाके में 29 गांव और निम्मो बाजगो, चुटुक व एलची पन बिजलीघर हैं। इन्हें भी बंद करना पड़ सकता है।
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विश्व प्रसिद्घ फुटकल गोंफा भी पादुम और कृत्रिम झील के बीच में ही है। इलाके पर मंडरा रहे इस खतरे से निपटने के लिए केंद्र सरकार और राज्य ने युद्घस्तर पर मुहिम शुरू कर दी है।
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फुकटल के ब्लाकेज हटाने और पानी के प्रवाह को बनाने के लिए एनसीएमसी विशेषज्ञों की टीम लगाएगी। इसके लिए नियंत्रित विस्फोट किए जाएंगे।
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सबसे पहले इस इलाके को खाली कराकर वहां रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाएगा, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। कृत्रिम झील तक पहुंचने का रास्ता बहुत दुर्गम है। इसलिए झील तक मजदूरों, मशीनों और अन्य साजो-सामान को विमानों और हेलिकाप्टर के जरिये पहुंचाया जाएगा।
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एनडीएमए की टीम ने ग्राउंड सर्वे किया है। पूरे इलाके की एरियल और सेटेलाइट मानिटरिंग की जा रही है। प्रत्येक घंटे व दिन के आधार पर डाटा लिया जा रहा है।