जम्मू में आर्मी की तरफ से बलिदान स्तंभ पर लाइट एंड साउंड शो के जरिए वीर सपूतों की कहानियां दोहराई।
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PIC: कभी देखा है आर्मी का लाइट-साउंड शो
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कार्यक्रम में कोई गाना और कोई गीत नहीं था। अगर कुछ था तो सिर्फ रोशनी और एक शहीद की जुबानी शहादत की कहानी।
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आजादी के बाद भारत ने जितने युद्ध लड़े उन सबकी दास्तान ने वहां बैठे लोगों को सलामी देने को मजबूर कर दिया।
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1965, 1971 के भारत-पाक युद्ध 1962 के भारत चीन युद्ध, 1988 का काबायली हमला और 1999 के कारगिल युद्ध तक की पूरी दास्तान को लाइट और साउंड के माध्यम से उकेरा गया।
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शहीदों की याद को समेटे 60 मीटर ऊंचे बायोनेटिड राइफल जैसे दिखने वाले बलिदान स्तंभ को वर्ष 2009 में बनवाया गया।