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हर साल जम्मू-कश्मीर में तंबाकू से होने वाले कैंसर के आ रहे 2500 मामले, सबसे ज्यादा युवा चपेट में

Fri, 31 May 2019 12:01 AM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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जम्मू-कश्मीर के युवाओं में तंबाकू और धूम्रपान का बढ़ता शौक उन्हें मौत के मुंह तक ले जा रहा है। इस शौक को गले लगाकर युवा तेजी से मुंह और गले (थ्रोट) के कैंसर की चपेट में आ रहे हैं। हर साल हजारों नए कैंसर के मामले सामने आ रहे हैं। चालीस की उम्र के बाद होने वाला यह कैंसर अब 20-30 साल के युवाओं को अपनी गिरफ्त में ले रहा है। जीएमसी जम्मू के कैंसर यूनिट में वर्ष 2018 में 2400 नए मामले पहुंचे, जिसमें 50 फीसदी तंबाकू और धूम्रपान से जुड़े हुए थे। हर साल 2000 से 2500 के बीच कैंसर के नए मामले आ रहे हैं।  

 
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विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2019 - फोटो : सोशल मीडिया
जिन घरों में पुरुष सदस्य अधिक धूम्रपान कर रहे हैं, वे अपने आसपास के वातावरण में महिला सदस्यों को भी कैंसर जैसी बीमारी दे रहे हैं। रियासत में एक लाख की आबादी पर औसतन 150 कैंसर के मामले सामने आ रहे हैं। इसमें बड़ी संख्या में कैंसर के मामले अस्पतालों में रिपोर्ट नहीं हो रहे हैं। पुरुषों में मुंह, गले के बाद फेफड़े, फूड पाइप और मैदे का कैंसर सामान्य है। गले और मुंह के कैंसर के मामले बढ़ने का एक कारण बाजार में तंबाकू का ब्लैक और आसानी से उपलब्ध होना है। 

 
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तंबाकू उत्पाद - फोटो : फाइल
बाजार में अधिकांश तंबाकू पदार्थों को लेने में कोई परेशानी नहीं होती है। जिससे छोटी उम्र के बच्चों तक भी ये पदार्थ पहुंच रहे हैं। बड़ी संख्या में कैंसर के मामले अस्पतालों में रिपोर्ट नहीं हो रहे हैं। 
कैंसर के मामलों में जम्मू जिला सबसे आगे है। इसके बाद पुंछ, राजोरी, किश्तवाड़, डोडा, कठुआ, सांबा आदि क्षेत्रों के लोग कैंसर से पीड़ित हो रहे हैं। जीएमसी कैंसर यूनिट के एचओडी डॉ. आशुतोष गुप्ता ने कहा कि तंबाकू पदार्थों पर प्रतिबंध से कैंसर पर नियंत्रण पाया जा सकता है। 

 

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सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान पर रोक नहीं 
तमाम दावों के बावजूद सार्वजनिक स्थलों धूम्रपान पर कोई सख्ती नहीं दिखाई जाती है। अस्पताल परिसर, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, सरकारी और निजी कार्यालयों में धूम्रपान धड़ल्ले से जारी है। सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान को रोकने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को दिए गए अधिकारों का वे प्रयोग नहीं करते हैं। इससे सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान की गतिविधियों में बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2008 में स्वास्थ्य, शिक्षा संस्थानों, म्यूनिसिपल कारपोरेशन, पुलिस सहित अन्य विभागों के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सेक्शन 28 सिगरेट व अन्य तंबाकू प्रोडक्ट एक्ट 2003 के तहत सेक्शन 4 में धूम्रपान करने वाले लोगों पर कार्रवाई करने का अधिकार दिए गए हैं, लेकिन ऐसे नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कोई खास असर नहीं दिखता है।

 
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जम्मू-कश्मीर में कैंसर के मामले 

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वर्ष        नए मामले
2011      3057
2012      3288
2013      3157
2014      3940
2015      4275
2016      4976
2017      5731
(यह रिपोर्ट 2018 में जम्मू-कश्मीर हाउस में पेश की गई)
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