हर हर महादेव, भूखे को अन्न, प्यारे को पानी, जय बाबा भोले बर्फानी। देवों के देव महादेव की श्री अमरनाथ यात्रा का आगामी दो जुलाई से आगाज हो रहा है।
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अमरनाथ श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खुशखबरी
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इस बार छह साल बाद भोले के भक्तों को करीब दो माह (59 दिन) पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शनों का सौभाग्य प्राप्त होगा। वर्ष 2014 के मुकाबले इस बार यात्रा की अवधि पंद्रह दिन ज्यादा रहेगी।
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इससे पहले वर्ष 2009 में 60 दिन यात्रा चली थी। श्रवण पूर्णिमा रक्षाबंधन पर आगामी 29 अगस्त तक चलने वाली इस यात्रा के लिए देशभर के राज्यों और केंद्र शासित राज्यों में करीब पौने दो लाख यात्रियों का पंजीकरण हो चुका है।
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गुफा में साक्षात भोले नाथ बीस फीट से ऊपर शिवलिंग रूप में विराजमान हैं। यात्रा को लेकर देश-विदेश के भक्तों में उत्साह है। आधार शिविर भगवती नगर जम्मू से आगामी एक जुलाई को पहला जत्था रवाना होगा, जो पारंपरिक तौर पर अगले दिन पहलगाम और बालटाल के जत्थे में शामिल होकर आगे बढ़ेगा।
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बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए श्रद्धालु पारंपरिक पहलगाम और बालटाल ट्रैक से आगे बढ़ते हैं। पहलगाम ट्रैक से चंदनबाड़ी से लेकर पवित्र गुफा तक के पैदल रास्ते का सफर तीस किलोमीटर है।
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जिसे दो दिन और एक रात में तय किया जाता है, जबकि बालटाल ट्रैक से एक ही दिन में दर्शन करके लौटा जा सकता है। जम्मू से बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पांच से छह दिन का समय लगता है, जबकि कई लोग मात्र तीन से चार दिन में ही दर्शन कर जम्मू वापस आ जाते हैं।
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पहलगाम-चंदनबाड़ी और बालटाल ट्रैक से रोजाना 7500-7500 श्रद्धालुओं को यात्रा के लिए भेजा जाएगा। इसमें हेलीकाप्टर के जरिये पंचतरणी तक पहुंचने के बाद यात्रा करने वाले श्रद्धालु अलग से शामिल होंगे।
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हालांकि मौसम के मिजाज पर यात्रा का दारोमदार निर्भर होगा। वर्ष 2014 में यात्रा को 28 जून को आधिकारिक तौर पर शुरू किया जाना था, लेकिन चंदनबाड़ी से पवित्र गुफा और शेषनाग-पंजतरणी ट्रैक पर भारी बर्फबारी से यात्रा दो जुलाई को शुरू हो सकी।
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इस यात्रा के दौरान आधिकारिक तौर पर 46 लोगों की विभिन्न कारणों से मौत हुई। इनमें 39 भक्त, दो साधु तथा पांच सेवादार शामिल थे। वर्ष 2015 की यात्रा के पंजीकरण के लिए हर श्रद्धालु को मेडिकल प्रमाण पत्र बनाना अनिवार्य होगा।