बम-बम भोले के जयघोष के साथ पारंपरिक बालटाल और पहलगाम रूट से अमरनाथ यात्रा जारी है। देशभर से पहुंच रहे हजारों तीर्थ यात्रियों के लिए मौसम अनुकूल बना हुआ है। इंद्रदेव ने यात्रा में कोई अड़चन नहीं डाली है। इस बीच शुक्रवार को बालटाल और पहलगाम ट्रैक से 16745 यात्रियों का जत्था रवाना हुआ। इसके साथ दर्शनार्थी यात्रियों का आंकड़ा 67228 तक पहुंच गया है।
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आधार शिविर भगवती नगर जम्मू से दोनों रूट के लिए 185 छोटे बड़े वाहनों में 4722 यात्रियों का जत्था रवाना हुआ। इसमें बालटाल रूट के लिए कुल 2147 यात्रियों में से 1610 पुरुष, 491 महिलाएं, 4 बच्चे और 42 साधु शामिल रहे। पहलगाम रूट के लिए कुल 2575 यात्रियों में 2060 पुरुष, 318 महिलाएं, 24 बच्चे, 144 पुरुष साधु और 29 महिला साधु शामिल रहीं।
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बाबा बर्फानी के दर्शन को लेकर तीर्थ यात्रियों में जबरदस्त उत्साह है। क्या बड़े क्या बच्चे हर कोई प्रभु भोलेनाथ का गुणगान कर रहा है। आधार शिविर भगवती नगर यात्रियों से खचाखच भरा रहता है। जम्मू में गर्मी और उमस शिव भक्तों के जोश और उत्साह को कम नहीं कर पाई है। राजस्थान से आए देवेंद्र अत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में किसी तरह से भय का माहौल नहीं है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आतंकवाद पर नकेल कसने और यात्रियों की सुरक्षा को पुख्ता बनाने से भोले के भक्त बेखौफ यात्रा के लिए जा रहे हैं। यूपी से आए राधे श्याम ने कहा कि वह पिछले सात वर्षों से बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए आ रहे हैं। लेकिन इस बार ज्यादा उत्साह भरा माहौल दिख रहा है। इसका कारण मौसम का मेहरबान रहना और कोई बड़ी घटना न होना है। शुक्रवार को बालटाल रूट पर बारिश हुई। लेकिन सुबह ही जत्था रवाना हो गया था।
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पंजतरणी से यूपी के यात्री को एयरलिफ्ट किया
पंजतरणी में गंभीर रूप से बीमार हुए विशाल मित्तल निवासी उत्तर प्रदेश को हेलीकाप्टर से एयरलिफ्ट करके शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेस (स्किमस) श्रीनगर पहुंचाया गया। डाक्टरों ने विशाल की गंभीर हालत को देखते हुए उसे शिफ्ट करने का सुझाव दिया। जिसके बाद श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के चेयरमैन व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के निर्देश पर मरीज को एयरलिफ्ट किया गया। अस्पताल में विशाल को उचित इलाज दिया जा रहा है।
मौसम के मेहरबान होने से दर्शनार्थी यात्रियों का आंकड़ा बढ़ा
मौसम के मेहरबान रहने से इस बार दर्शनार्थी यात्रियों के आंकड़े में इजाफा हुआ है। पिछले साल 28 जून 2018 को यात्रा के शुरू होने के साथ मानसून ने दस्तक दी थी, जिससे पहले दिन सिर्फ 1007 यात्री ही बाबा बर्फानी के दर्शन कर पाए थे। लेकिन इस बार पहले चार दिन में ही यह आंकड़ा पचास हजार के पार चला गया है। अगर मौसम इसी तरह से रहा तो आगामी दिनों में तेजी से यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी होगी।