यात्रा को लेकर जारी आदेश के बाद से श्रद्धालुओं में असमंजस की स्थिति है। वह समझ नहीं पा रहे कि उन्हें लौटने के लिए क्यों कहा जा रहा है, जबकि पहले सुरक्षा को लेकर चाक-चौबंद व्यवस्था की बात कही जा रही थी। यात्रियों का कहना है कि इस बारे में उन्हें पहले कोई जानकारी नहीं थी। अचानक से जारी आदेश के बाद अब उन्हें बिना दर्शन किए लौटना पड़ रहा है।
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यात्रा को लेकर जारी आदेश के बाद से श्रद्धालुओं में असमंजस की स्थिति
- फोटो : अमर उजाला
आधार शिविर भगवती में ठहरे यात्री भी चिंतित हैं। उनका कहना है कि उन्हें यात्री निवास खाली करने को कहा गया है। अब क्या करें, कुछ समझ नहीं आ रहा। पुणे से आई महिला श्रद्धालुओें ने कहा कि अगर हमें जाने दिया जाए, तो हम दर्शन करने जरूर जाएंगे, क्योंकि हम बड़ी उम्मीद से दर्शन के लिए आए थे।
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यात्रा को लेकर जारी आदेश के बाद से श्रद्धालुओं में असमंजस की स्थिति
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तीन जुलाई का पंजीकरण था, इसलिए 30 को जम्मू पहुंचा। यहां आकर पता चला की यात्रा चार अगस्त तक स्थगित है। सोचा था दर्शन करके ही लौटेंगे। अब सुनने में आ रहा कि सरकार ने यात्रियों को घाटी से लौटने को कहा है।
-लेख राज, दिल्ली
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यात्रा को लेकर जारी आदेश के बाद से श्रद्धालुओं में असमंजस की स्थिति
- फोटो : अमर उजाला
पहली बार यात्रा पर जाना था। एक अगस्त का पंजीकरण था, घर से निकलने के बाद पता चला कि चार तक यात्रा स्थगित है। अब यहां पर माहौल ही अलग है। हर कोई सुरक्षा की बात कर रहा है। अफसोस रहेगा कि यात्रा नहीं कर पाए।
-शिवम, हरियाणा
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सुरक्षा को लेकर चाक चौबंद व्यवस्था
- फोटो : अमर उजाला
पहली बार यात्रा पर आया था। कश्मीर घाटी भी घूमने का मन था। लेकिन अब माहौल बदलता जा रहा है। यात्री अपने घरों की ओर जा रहे हैं। इसके बाद घर जाने के अलावा कोई विकल्प भी नहीं है।
-हिमांशु, दिल्ली
परिवार के साथ यात्रा पर निकले थे। पंजीकरण जम्मू में ही करवाया था। पहले खराब मौसम के कारण यात्रा स्थगित रही। अब लौटने के लिए आदेश जारी होने की बात सुनने में आ रही। अब घर जाना है। बिना दर्शन किए घर जाना अजीब लग रहा है।
-कृष्ण कुमार, मध्यप्रदेश