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संघर्षविराम समझौताः मंगल तलाश रहा वो 16 साल का मंगल, हर बार मिली मात पर पाकिस्तान न सुधरा

Tue, 26 Nov 2019 12:43 PM IST
प्रशांत कुमार प्रशांत कुमार द्विवेदी, अमर उजाला, जम्मू/श्रीनगर
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पाक की नापाक हरकत - फोटो : अमर उजाला
मंगलवार 25 नवंबर 2003, मतलब आज के ठीक 16 साल पहले भारत और पाकिस्तान ने एलओसी पर औपचारिक संघर्षविराम का एलान किया। यह संघर्षविराम आधी रात से लागू हो गया था। लेकिन पाकिस्तान ने इस समझौते की जमकर धज्जियां उड़ाई। संघर्षविराम का उल्लंघन अविराम है। 16 साल बीत गए लेकिन पाकिस्तान आज भी न सुधरा। हर बार मात खाने के बाद भी वह सबक नहीं लेता। बदले में भारतीय सेना को जवाबी कार्रवाई करनी ही पड़ती है।
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एलओसी
25 नवंबर साल 2003 दिन मंगलवार, भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि संघर्षविराम पर एक सप्ताह चली बैठक के बाद अंतिम रूप दिया गया है। बैठक में भारत और पाकिस्तान के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मौजूद थे। मंत्रालय ने बताया कि 450 मील लंबी एलओसी, इंटरनेशनल बॉर्डर और सियाचिन ग्लेशियर पर भी संघर्षविराम समझौता लागू होगा। समझौते से दो दिन पहले पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री मीर जफरुल्ला खान जमाली ने ईद के मौके पर संघर्षविराम की पेशकश की थी।
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loc - फोटो : फाइल, अमर उजाला
भारत ने कहा कि संघर्षविराम की सफलता पाकिस्तान पर निर्भर करती है। आतंकवादियों को भारतीय सीमा में घुसपैठ से पाकिस्तान को रोकना होगा। वहीं भारतीय सेना ने पाकिस्तान को चेतावनी दी थी कि अगर आतंकवादी सीमा के अंदर घुसे तो उन्हें माकूल जवाब दिया जाएगा। इस दौरान पाक के तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने कई बार भरोसा दिलाया कि आतंकियों को सीमा पार करने से रोका जा रहा है। लेकिन ऐसा होने वाला कहां था क्योंकि जब नियत में ही खोट हो तो वादे पूरे होना असंभव है।

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loc ceasefire jammu kashmir - फोटो : अमर उजाला
अब बात करते हैं हाल के महीनों की। अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से पाकिस्तान पूरी तरह से बौखलाया हुआ है। संघर्षविराम का उल्लंघन कर वह आतंकियों को घुसपैठ कराने की फिराक में जुटा हुआ है। इस साल अभी तक पाकिस्तान ने 2500 से अधिक बार संघर्षविराम का उल्लंघन किया है। जिसमें 21 भारतीय मारे गए हैं और कई अन्य घायल हुए हैं। वहीं जब तंगधार सेक्टर में पाकिस्तानी सेना द्वारा संघर्षविराम का उल्लंघन किया गया तो भारतीय सेना ने ऐसा जवाब दिया कि इस्लामाबाद में बैठे हुक्मरान भी तिलमिला उठे थे।
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loc ceasefire jammu kashmir - फोटो : अमर उजाला
क्या होता है संघर्षविराम
सीधे शब्दों में कहें तो किसी भी युद्ध को अस्थायी तौर पर रोकने का एक जरिया है संघर्षविराम। समझौते के मुताबिक दोनों पक्ष सीमा पर आक्रामक कार्रवाई न करने का वादा निभाते हैं।
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