चल गइया, बो काटेया। रोमांच, उत्साह और जोश। न धूप की परवाह और न उमस से परेशानी। रविवार को कुछ ऐसा ही नजारा मंदिरों के शहर में दिखेगा। भाई-बहन के प्यार का प्रतीक रक्षाबंधन पर पूरा शहर पतंगबाजी में डूबा रहेगा। क्या बच्चे क्या बड़े हर कोई छतों पर रहकर पतंगबाजी का मजा लेंगे। छतों पर डीजे की धुनों पर युवा जमकर थिरकेंगे। शाम को आतिशबाजी और आग के गुब्बारे उड़ाकर जोश दिखाया जाएगा। रक्षाबंधन के बाद जन्माष्टमी पर भी पतंगबाजी का दौर रहेगा। पतंगबाजी के शौकीनों ने पतंगबाजी के लिए ढेर सारी तैयारियां कर रखी हैं। पिछले कई हफ्तों से मौसम साफ चल रहा है, जिससे रविवार को भी मौसम पतंगबाजों के पक्ष में ही रहने की उम्मीद है। शनिवार बाजारों में जमकर पतंगों और डोर की खरीदारी की गई। शहर के पक्का डंगा, दीवान मंदिर आदि बाजारों में सुबह से शुरू हुआ खरीदारी का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। इस खरीदारी के लिए बड़ी संख्या में बच्चों और युवाओं के पहुंचने से बाजारों में जाम की स्थिति रही।