बेटी सयानी हुई तो मां को उसकी निजता और सुरक्षा की चिंता हुई। फिर गांव की महिलाओं के साथ मिलकर दे डाली ऐसी चेतावनी कि गांव वालों में हड़कम्प मच गया। गांव की महिलाओं ने ससुराल में शौचालय नहीं होने पर अपनी दिवाली पीहर में मनाने का फैसला किया है। मामला कोटा के उम्मेदगंज गांव का है।
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एकजुट हो गई यहां की बहुएं
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अपनी बच्चियों के साथ महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
इस अनोखी मुहिम का आगाज गांव की बहू मधु ने किया। उसकी मेहनत रंग लाई और इस मुहिम से और भी बहुएं जुड़ चुकी है। उन्होंने ससुराल वालों से साफ-साफ बोल दिया है कि यदि जल्द ही शौचालय नहीं बनवाया गया तो वे अपने घर में दिवाली नहीं मनाएंगी।
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परिवार वाले आए टेंशन में
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गांव में हो रही है चर्चा
- फोटो : अमर उजाला
बहुओं की इस चेतावनी के बाद गांव में हड़कंप मचा हुआ है। परिवार वाले टेंशन में आ गए हैं। यदि ऐसा हुआ तो इस बार दिवाली बिना बहू के कैसे मनेगी? ये चिंता उन्हें सता रही है।
यह है वजह जिस कारण देनी पड़ी ये धमकी
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खेत में महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
गांव में शौचालयों का निर्माण चल रहा है, लेकिन उनकी निर्माण की गति काफी धीमी है। काम की इस प्रगति को लेकर महिलाओं में खासा आक्रोश है। घर वाले भी समझाइश कर रहे है। जल्द ही इसे पूरा करवाने का वादा भी करते हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान का ही यह असर है कि गांव की महिलाओं ने अब शौचालय के लिए आवाज बुलंद की है। कोटा जिले की कुल 155 ग्राम पंचायतों मे से अस्सी फीसदी ग्राम पंचायतें ओडीएफ घोषित हो चुकी है।