राजधानी जयपुर का विद्याधर नगर इलाका आज गमगीन रहा। एक घर से पांच अर्थियां उठी। जिसने भी देखा उसकी आंखों से आंसू निकल पड़े। ये सभी पांच जिंदगियां आज तड़के अपने ही घर में हुए एक हादसे में जिंदा जल गई थी।
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खत्म हो गया हंसता-खेलता परिवार
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एक दूसरे को ढांढस बंधाते परिजन
- फोटो : Amar Ujala
यह दिल दहला देने वाला हादसा विद्यानगर सेक्टर 9 में स्थित लोहे का कारोबार करने वाले संजीव गर्ग के घर में हुआ। हादसे में संजीव गर्ग के पिता महेन्द्र गर्ग (75), बेटी अर्पिता (22) तथा अपूर्वा (20), बेटा अनिमेष (18) व भांजा शौर्य (20) जिंदा जल गए। इस हादसे के बारे में जिसने भी सुना दंग रह गया। पूरा मोहल्ला और रिश्तेदार नि:शब्द से थे। शवयात्रा में शामिल हर किसी की आंखें भीगी हुई थी।
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सुरक्षा के उपाय ही जानलेवा साबित हुए
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हाई सिक्योरिटी सिस्टम और फायर सिस्टम यहां लगे हुए थे
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग शॉट सर्किट लगने से हुई। संजीव गर्ग का मकान अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त था। हाई सिक्योरिटी सिस्टम और फायर सिस्टम यहां लगे हुए थे। दरअसल, यह जब यहां आग लगी तो मकान के दरवाजे लॉक हो गए और अंदर फंसे लोग बाहर नहीं आ सके।
खुली सरकारी तंत्र की पोल
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घटनास्थल की तस्वीरें
इस मामले में सरकारी तंत्र की पोल भी खुल गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सूचना दिए जाने के काफी देर बाद तक दमकल मौके पर नहीं पहुंची। जब दमकल वहां पहुंची तो उसकी सीढ़ियां नहीं खुली और पानी का पाइप जुड़ नहीं पाया। दमकल के साथ आया स्टाफ भी अप्रशिक्षित था।
इस मामले को लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है। आरोप-प्रत्यारोप के दौर चल रहे है। घटना के बाद स्थानीय विधायक नरपतसिंह शेखावत, महापौर अशोक लाहोटी, कांग्रेस के जयपुर शहर अध्यक्ष प्रतापसिंह खाचरियावास आदि नेता पहुंचे। इस मामले में बयानबाजी के बाद हरकत में आए नगर निगम प्रशासन ने इस मामले में लापरवाही के लिए तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी समेत अन्य से जवाब तलब किया है।